कोरोना के आगे धर्म!
दो हफ्ते बाद रमजान का पाक महीना शुरू होने वाला है. ऐसे में यहां के प्रशासन के सामने लोगों को मस्जिदों में आने से मना करना मुश्किल चुनौती होगी. बता दें कि पाकिस्तान में धर्म एक बड़ा मुद्दा रहा है. यहां हर बड़ी-छोटी राजनीतिक पार्टियां धर्म के नाम पर वोट लेती हैं. प्रधानमंत्री इमरान खान के विशेष सहयोगी मिर्जा शहज़ाद अकबर ने कहा, ‘धर्म और नमाज़ पाकिस्तान में बेहद भावुक मुद्दा है. ऐसे में सरकार को काफी सोच समझ कर कोई कदम उठाना पड़ता है.’
‘अल्लाह हमारे साथ हैं’
पाकिस्तान में रहने वाले सबीर दुर्रानी ने कहा कि वो हर दिन नमाज पढ़ने के लिए मुल्तान की एक मस्जिद में आते हैं. उन्होंने ये भी कहा कि सिर्फ वो ही नहीं बल्कि इस मस्जिद में दर्जनों की भीड़ इकट्ठा होती है. और खास बात ये है कि यहां कोई मास्क नहीं पहनता. उन्होंने कहा, ‘हमारे मौलवी कहते हैं कि जिस तरह से वायरस का संक्रमण पश्चिम के देशों में है वैसा हमें नहीं हो सकता. हम लोग नमाज पढ़ने से पहले हर रोज पांच बार हाथ-मुंह धोते हैं. ऐसे में हमें कोई परेशान होने की जरूरत नहीं है और अल्लाह हमारे साथ है.’
पूरी दुनिया में कोरोना वायरस (Coronavirus) का खौफ है. लोग घरों से बाहर निकलने में भी डर रहे हैं. लेकिन ऐसा लग रहा है कि पाकिस्तान (Pakistan) के लोगों को कोरोना से कोई डर नहीं है. लोग लॉकडाउन की धज्जियां उड़ाते हुए मस्जिदों (Mosques) में नमाज पढ़ने के लिए जमा हो रहे हैं और वो भी बिना मास्क के. बता दें कि पिछले महीने प्रधानमंत्री इमरान खान (Imran Khan) ने सारे धार्मिक आयोजनों पर बैन लगा दिया था. साथ ही कहा था कि 5 से ज्यादा लोगों की भीड़ कहीं इकट्ठा नहीं होनी चाहिए.
तबलीगी जमात से हालात बिगड़े
बता दें कि पाकिस्तान में कोरोना वायरस के 60 फीसदी मामले तबलीगी जमात से आए हैं. भारत के निज़ामुद्दीन की तरह तबलीगी जमात के लोगों ने 10 मार्च को पंजाब में एक कार्यक्रम का आयोजन किया था जिसमें 25 हज़ार से ज्यादा लोग शामिल हुए. इस कार्यक्रम में शामिल हुए करीब 500 लोग अभी तक कोरोना संक्रमित पाए जा चुके हैं. पंजाब सरकार के मना करने के बावजूद भी रायविंड शहर में तबलीगी जमात ने इज्तमा का आयोजन किया था. पंजाब स्पेशल ब्रांच के मुताबिक इस कार्यक्रम में करीब 80 हज़ार लोग शामिल हुए जबकि जमात का कहना है कि इसमें दुनिया भर से आए करीब ढाई लाख लोग शामिल हुए थे.



