सुकमा में चौक का नाम बदलने पर दो समुदायों में विवाद, देश की आजादी के बाद ऐसा पहली बार

सुकमा। चौक का नाम बदलने को लेकर सुकमा में दो पक्षों के बीच सोमवार को जमकर विवाद हो गया। जिसके बाद लोगो को खदेड़ने के लिए पुलिस को लाठी चार्ज भी करनी पड़ी। दरअसल चौक का नाम बदल कर भगवान राम के नाम पर रखा जा रहा था जिसके बाद हिन्दू और मुस्लिम में इस इस पर विवाद छिड़ गया। मामले की जानकारी मिलने पर पुलिस घटना स्थल पर पहुंची और लोगों को समझाकर शांत करने का प्रयास किया लेकिन कुछ लोग नहीं माने। इस पर पुलिस को एक-दो लोगों पर लाठी चलानी पड़ी।
घटना की सुचना मिलने पर पुलिस प्रशासन मौके पर पहुंची और दोनो पक्षों को शांत करवाया फिर श्रीराम भगवान का बैनर लगाकर विवाद खत्म कर दिया गया। हिंदू राष्ट्र का बैनर लगाने को लेकर सोमवार की रात को मुस्लिम समाज ने आपत्ति दर्ज कराई थी। उनका कहना था कि भगवान राम का पोस्टर लगा दें लेकिन ऐसे पोस्टर या बैनर ना लगाएं। इसके बाद फिर रात में ही वार्ड क्रमांक 2 में श्रीराम नगर के नाम पर मुस्लिम समाज ने आपत्ति दर्ज करवाई। उनका कहना था कि ये सालों से रूमी नगर व मस्तानपारा है, लेकिन अभी नाम बदलने का प्रयास किया जा रहा है। इसी को लेकर दोनों पक्षों के बीच फिर विवाद हुआ। जिसके बाद पुलिस मौकेपर पहुंची और दोनों पक्षों को शांत करवाने की कोशिश की। अंत में पुलिस को सख्ती से पेश आना पड़ा और भीड़ को खदेड़ने के लिए एक-दो लोगो पर लाठी चलानी पड़ी।
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दूसरे दिन इसके विरोध में जिला बंद रहा। व्यापारिक प्रतिष्ठाने बंद रही और दिनभर काली मंदिर के प्रांगण में बैठक चलती रही। दोपहर 3 बजे सर्व हिंदू संगठन, भाजपा व हिंदू परिषद की ओर से राज्यपाल व कलेक्टर को ज्ञापन दिया गया। जिसमें दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई। बैठक में दोनो समुदाय के प्रमुखों व समाज प्रमुखों ने नगर में हो रहे विवाद को गलत ठहराया। साथ ही दोनों पक्षों को शांति बनाए रखने की अपील की है। साथ ही आने वाले रामनवमी को धूमधाम से मनाने और किसी भी प्रकार का विवाद ना करने आग्रह किया। समाज प्रमुख चाहते हैं कि आगे भी ऐसा कोई विवाद उत्पन्न न हो।
पूरी घटना को देखते हुए मंत्री कवासी लखमा ने सभी धर्म प्रमुख व समाज प्रमुखों की एक बैठक ली और इस पूरे मामले की जानकारी ली। साथ ही सभी से इसका समाधान करने की अपील की। उन्होंने कहा कि देश के आजादी के बाद से अभी तक सुकमा में कोई भी धार्मिक लड़ाई नहीं हुई है। कुछ बाहरी असमाजिक तत्व व राजनीतक दलों के बहकावे में नहीं आना है। आपस में भाईचारे के साथ रहना है और शांति के साथ व्यापार करना है। वही रामनवमी व अप्रैल माह में सबसे बड़ा मेले का आयोजन हो रहा है, जिसको धूमधाम से मनाना है। उन्होंने जिलेवासियों से शांति व भाईचारे के साथ त्यौहार मनाने की अपील की है।




