इस योजना से संवर जाएगी बेटियों की क़िस्मत, भविष्य होगा सुरक्षित

BalIka Samridhi Yojana: केंद्र सरकार की ओर से बच्चियों के लिए नई-नई योजनाएं (Governmet Scheme For Daughters) निकाली जाती हैं, जिनसे उनका भविष्य सुरक्षित हो सके। उनमें से एक योजना बालिका समृद्धि योजना ( Balika Samridhi Yojana ) है। सरकार इस योजना के तहत बच्चियों के जन्म से लेकर उनकी अच्छी शिक्षा तक का पूरा खर्चा उठाती है। इस योजना का लाभ किस प्रकार आप ले सकते हैं, यहां जानिए।
योजना का ऐसे उठाएं लाभ
बेटी के जन्म लेने पर मां को सबसे पहले 500 रुपये की आर्थिक मदद मिलती है। इसके बाद जैसे ही बच्ची स्कूल जाने लगती है, वैसे ही सालाना आर्थिक मदद दिया जाता है। स्कूल में प्रवेश करते ही कक्षा 1 से लेकर 3 तक 300 रुपये सालाना, कक्षा 4 के लिए 500 रुपये, कक्षा 5 के लिए 600 रुपये, कक्षा 6 और 7 के लिए 700 रुपये सालाना, कक्षा 8 के लिए 800 रुपये और कक्षा 9 और 10 के लिए 1000 रुपये सालाना प्रदान किया जाता है।
इस योजना का लाभ लेने के लिए दस्तावेजों की जरूरत होती है। जिनमें आधार कार्ड, राशन कार्ड, जन्म प्रमाण पत्र, माता-पिता का पहचान पत्र, निवास प्रमाण पत्र, आय प्रमाण पत्र, बैंक खाते की डिटेल्स और पासपोर्ट साइज फोटो शामिल है।
इन तरीकों से मिलेगा योजना का लाभ
योजना का लाभ आप ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों ही तरीकों से ले सकते हैं। इतना ही नहीं, ये योजनाएं आपके आसपास के आंगनबाड़ी केंद्र या स्वास्थ्य केंद्रों से प्राप्त किया जा सकता है। या फिर हेल्थ फंक्शनरी से भी आवेदन कर सकते हैं।
अपने नजदीक के आंगनबाड़ी केंद्र या स्वास्थ्य केंद्रों में जाकर योजना के लिए ऑफलाइन आवेदन कर सकते हैं। अगर शहरी इलाकें में आवेदन करना चाहते हैं, तो इसके लिए हेल्थ फंक्शनरी मौजूद हैं, जहां आप योजना के लिए पंजीकरण कर सकते हैं।
महिला और बाल विकास विभाग की ओर से 1997 में इस योजना की शुरुआत की गई थी. ये योजना खासतौर पर गरीबी रेखा के नीचे रहने वाले लोगों के लिए बनाया गया था, जिन्हें अपनी बच्चियों के भविष्य को संवारने के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ती है। बेटियों के भविष्य को आर्थिक रूप से सुरक्षित रखने के लिए यह योजना आज भी चलाई जा रही है।
इस योजना का लाभ केवल भारत का निवासी ही ले सकता है। वहीं, इस योजना का लाभ उन लोगों को मिल सकता है, जो गरीबी रेखा के नीचे रहते हों और परिवार की केवल दो बच्चियों को ये लाभ दिया जाएगा। 15 अगस्त 1997 के बाद जन्म लेने वाली बच्चियों को ही योजना में शामिल किया जाएगा।




