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प्रचंड गर्मी से अपने शरीर का बचाव कैसे करें, जानिए चिकित्सा विशेषज्ञ डॉ. महावीर अग्रवाल से


अभी वर्तमान समय में प्रचंड गर्मी पड़ रही हैं जिससे की शरीर और खानपान का ध्यान रखना अत्यंत ही आवश्यक हो जाता है। इस प्रचंड गर्मी में मुख्यत्तः शरीर में पानी की कमी का होना त्वचा में अत्यधिक पशीने के वजह से खुजली या चकते का पड़ना फंगल इन्फेक्शन का होना तेज धूप के संपर्क में आने से आंखो में जलन होना या लू लगना या पानी की कमी होने के कारण पेशाब का जलन या यूटीआई जिसे हम साधारण भाषा में यूरीन का इन्फेक्शन भी कहते है तथा हिट स्ट्रोक या लू इन सभी के लक्षण और बचाव के उपाय जानना भी आवश्यक है। तथा निम्न बातों का ध्यान रखना भी जरूरी है।

१. जितना हो सके इस प्रचंड गर्मी में अपना बाहरी काम सुबह या शाम को करे दोपहर धूप में निकलने से बचे और निकले भी तो भरपूर पानी पिए और खाली पेट भी धूप में ना जाए।

२. दिन में दो बार स्नान करे जिसे गर्मी से राहत के साथ साथ पसीना के वजह होने वाली परेशानी से बचा जा सके।

३. एक व्यस्क व्यक्ति को दिन भर में कम से कम ४ से ५ लीटर तरल पदार्थ या पानी का सेवन करना तथा बच्चो को भी अधिक से अधिक तरल पदार्थ या पानी के सेवन के लिए प्रोत्साहित करना चाहिए। जिससे लू यूरीन इन्फेक्शन कब्ज और पाचन में तकलीफ से बचा जा सके।

४. तेज धूप में निकले तो धूप के चश्मे या सन ग्लासेस पहन कर निकले। आंखो में जलन के साथ अश्रु बहने के साथ साथ आंखों में अत्यधिक खुजली व दर्द होने पर चिकित्सक से संपर्क करें

५. तेज धूप में पराबैंगनी किरणें निकलती है जो त्वचा के लिए हानिकारक होती है इससे बचने के लिए अच्छे सनस्क्रीम लोशन का उपयोग करे।और हो सकें तो कॉटन कपड़े का प्रयोग करे जो पूरे शरीर को ढक कर रखे। जिससे शरीर को पराबैंगनी किरणों के प्रभाव के साथ ही साथ शरीर से जल के वाष्पोसर्जन को रोका जा सके।

६. अधिक मसालेदार गरिष्ट भोजन ना करे। जितना अधिक से अधिक हो हल्का भोजन करे जिससे पाचन में तकलीफ ना हो तथा कब्ज से बचा जा सके।शराब या बीयर का सेवन कम से कम करे ये शरीर में पानी की कमी करवाते है।

७.इस भीषण गर्मी में मौसमी फल जैसे तरबूज खरबूज आम का पन्ना नींबू पानी खीरा ककड़ी का सेवन बेल का शरबत बोरे चावल दही छाज मट्ठा तथा सत्तू का सेवन ताज़गी का अहसास भी कराता है और साथ ही साथ भीषण गर्मी के प्रकोप से भी बचाता है।

८. गर्मी के मौसम में अत्यधिक शारारिक श्रम करने से बचे। जिससे शरीर में निर्जलीकरण या इलेक्ट्रोलाइट की कमी या असंतुलन से बचा जा सकता हैं।

निम्न महत्वपूर्ण लक्षणों को भी अनदेखा ना करे। तुरंत नजदीकी चिकित्सक या स्वास्थ्य केन्द्र से संपर्क करे।

भीषण गर्मी के वजह से यदि आपको अत्यधिक धकान् सिरदर्द मतली या उल्टी बुखार होना या पेशाब में जलन इनमें से कोई लक्षण दिखे तथा सबसे महत्वपूर्ण की शरीर में निर्जलीकरण होने के कारण बुखार के साथ साथ पशीना का ना आना यह सब लक्षण हिटस्ट्रोक या लू लगने के कारण हो सकता हैं। ऐसे स्थिति में तुरंत मरीज को ठंडे स्थान में आराम कराना चहिए तथा अधिक से अधिक पेय पदार्थ मौसमी फलों के साथ साथ हल्का भोजन बार बार देना चाहिए।

यदि मरीज को इसके बावजूद भी ठीक ना लगे या अत्यधिक उल्टी हो तब नजदीकी स्वास्थ्य केन्द्र में भर्ती कराना चाहिए। क्योंकि इन लक्षणों को अनदेखा करना जानलेवा भी साबित हो सकता है।

लू की चपेट में आने पर मरीज को पूर्व वर्णित लक्षणों के अलावा भ्रम या मानसिक समस्या भी हो सकती हैं जिसका मुख्य कारण शरीर में सोडियम और पोटेशियम इलेक्ट्रोलाइट की कमी या असंतुलन होना भी हो सकता है जिसका कारण मुख्य रूप से अत्यधिक निर्जलीकरण होने से हों सकता हैं।
इस परिस्थिति में मरीज को तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केन्द्र ले जाना चाहिए जिससे मरीज का उचित देखभाल हो सके और उसके हालात में सुधार लाया जा सके।



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