
कुश अग्रवाल – International Nurses Day डॉक्टर अगर भगवान का रूप हैं, तो नर्स भी किसी देवी से कम नहीं। डॉक्टर मरीज का इलाज करते हैं, लेकिन नर्स उसके लिए कभी मां, कभी बहन तो कभी बेटी बनकर ख्याल रखती हैं। खासकर कोरोनाकाल में नर्स की भूमिका को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। एक ओर जहां कोरोना संक्रमण के डर से अपने भी मरीज से दूर भाग रहे हैं, वहीं नर्स हाथ थामकर हौसला बंधा रही हैं और उनके डर को दूर कर रही हैं। कोरोना शरीर के साथ ही मानसिक रूप से भी मरीज को कमजोर बना रहा है। ऐसे में नर्स ही हैं जो मरीज की हिम्मत और ताकत दोनों बढ़ा रही हैं।
कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर में जब मरीज नाजुक स्थिति में होते हैं तो उनकी देखभाल चुनौतीपूर्ण हो जाती है। जरा सी लापरवाही पर अनहोनी का डर लगा रहता है। मरीज की देखभाल की पूरी जिम्मेदारी सिर्फ नर्स पर होती है। कोरोना महामारी में नर्सें फौजियों की तरह दिन-रात काम कर रही हैं। बड़े-बड़े हॉल में वेंटिलेटर की भरमार, चारों ओर ब्रीदिंग ट्यूब, मरीजों की उखड़ती सांसें, इंफेक्शन का खतरा।

मरीज कभी गुस्सा हो रहे हैं तो कभी रो रहे हैं। कभी किसी मरीज को डिप लगानी है, दवा देनी है तो कभी इंजेक्शन देना है, हर मोर्चे पर नर्स मुस्तैद खड़ी हैं। वह भी अपनी और अपने परिवार की चिंता किए बगैर। मरीज की सेवा करने वाली इन नर्स को हमसलाम करते हैं और उनके अनुभव से रूबरू होते हैं। pm मोदी ने भी किया ट्वीट
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) ने ट्वीट कर कहा, ‘इंटरनेशनल नर्स डे (International Nurses Day) दिवस मेहनती नर्सिंग स्टाफ के प्रति आभार व्यक्त करने का दिन है, जो कोविड-19 (Covid-19) से लड़ने में सबसे आगे हैं. स्वस्थ्य भारत के प्रति उनके कर्तव्य, करुणा और प्रतिबद्धता की भावना अनुकरणीय है.’



