सनकी पति ने पत्नी और तीन बेटियों का काटा गला, फिर फांसी लगाकर कर ली आत्महत्या,बेटों ने ऐसे बचाई जान… |

खगड़िया।गुस्से में कोई इंसान किस हद तक जा सकता है कि इसकी बानगी बिहार के खगड़िया जिला के मानसी थाना क्षेत्र में देखने को मिला है। यहां एक सिरफिरे के सिर पर गुस्सा इस कदर सवार हुआ कि वह असुर बन गया। उसने पहले पत्नी फिर बारी-बारी से तीन बेटियों की गला रेतकर हत्या कर दी। पत्नी और बेटियों के कटे गले से खून के फव्वारे निकलता देख वह और भी बौखला गया और आखिरकार खुद भी फंदे पर झूलकर जान दे दी। सभी पांच शव को पुलिस ने पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
बताया जा रहा है कि आरोपी मुन्ना यादव जब अपने ही घर में मौत का तांडव मचा रहा था तब उसके दो बेटे अंकित कुमार और आदित्य कुमार छत पर सो रहे थे। घर में शोर शराबा सुनकर उनकी नींद खुली। उन्होंने छत पर से ही घर के अंदर झांककर देखा तो उसका पिता ही उसकी मां और बहनों का गला रेत रहा था। यह देखकर दोनों बच्चे घबरा गए। उन्होंने तुरंत छत पर से ही दूसरे पास के दूसरे घर छत पर छलांग लगाकर वहां से भाग गए।
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आरोपी के दोनों बेटों से पुलिस ने पूछताछ की तो वह काफी डरे सहमे थे। हालांकि उन्होंने बताया कि एकनिया गांव निवासी मुन्ना यादव बुधवार सुबह करीब तीन बजे अपने घर आया। घर आते ही उसका उसकी पत्नी के साथ विवाद हो गया। दोनों के बीच काफी देर तक बहस होती रही। इसी दौरान आरोपी मुन्ना यादव के सिर पर सनक सवार हो गया और वह असुर बन गया। उसने धारदार हथियार से पहले पत्नी का गला रेता। यह देखकर उसकी तीनों बेटियां चीखने लगी। इसपर उसने बारी-बारी से तीनों बेटियों का भी गला रेत दिया।
बताया जा रहा है कि मुन्ना यादव एक हत्या के मामले में आरोपी था। पुलिस काफी दिनों से उसे ढूंढ रही थी। वह लगातार फरार चल रहा था। बुधवार सुबह वह छुपते छुपाते हुए घर पर आया था। मुन्ना यादव के घर आते ही पत्नी उसपर पुलिस के सामने सरेंडर करने का दबाव बनाने लगी। इसपर वह नाराज हो गया। आरोपी के बेटों ने पुलिस को बताया कि उसके पिता जिस तरह की बातें कर रहे थे उससे यही लग रहा था मानो उसे लगने लगा था कि उसकी पत्नी ही उसे पुलिस के गिरफ्तार करवाना चाहती है।
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मानसी के थाना प्रभारी शुभम पाण्डेय ने बताया कि मृतकों की पहचान आरोपी पिता मुन्ना यादव 40 साल, पत्नी पूजा देवी 32 साल, और बेटियां- सुमन कुमारी 18 साल, आंचल कुमारी 16 साल और रोशनी कुमारी 15 साल के रूप में हुई है। प्रत्यक्षदर्शी बेटा गीता कुमार हत्या की खौफनाक कहानी लोगों और पुलिस को बता रहा है और वह साफ कह रहा है कि वह और उसका दूसरा भाई वहां से नहीं भागते तो उनका सनकी पिता उसकी भी हत्या कर देता। थाना प्रभारी से जब पूछा गया कि क्या घरेलू हिंसा में कोई इंसान पत्नी और बेटियों की हत्या कर सकता है। इसपर उन्होंने कहा कि इस केस की जांच अलग अलग एंगल से की जा रही है। उन्होंने कहा कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच की प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही किसी निष्कर्ष पर बात की जा सकती है। घटना स्थल पर भागलपुर से फोरेंसिक जांच टीम को भी जांच के लिए बुलाया गया है।



