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छत्तीसगढ़: मेडीकल कालेज अधिग्रहण पर घमासान, बीजेपी के वार पर कांग्रेस का जवाब

रायपुर। देश में इन दिनों सार्वजनिक क्षेत्र की उपक्रमों के अधिग्रहण को लेकर कांग्रेस सहित पूरा विपक्ष केंद्र सरकार पर हमलावर है। इसी बीच अब जब छत्तीसगढ़ सरकार ने दुर्ग के चंदूलाल मेडिकल कॉलेज के अधिग्रहण का फैसला लिया..तो बीजेपी को भी जवाबी हमला करने का मौका मिल गया। केंद्रीय मंत्रियों समेत तमाम बीजेपी नेताओं ने ट्वीट कर सीएम भूपेश बघेल को घेरा.. जिस पर मुख्यमंत्री ने जवाब दिया कि अगर जनहित का सवाल होगा तो..मेडिकल कॉलेज भी खरीदेंगे और नगरनार संयंत्र भी, आरोप-प्रत्यारोप के बीच सदन में अधिग्रहण का विधेयक पेश हो गया..जिस पर गुरुवार को सदन में चर्चा होगी। अब सवाल ये है कि…कर्ज में डूबे मेडिकल कॉलेज को अधिग्रहित करने से बच्चों का भविष्य कितना सुरक्षित होगा।

दुर्ग स्थित इसी चंदूलाल चंद्राकर मेमोरियल कॉलेज के अधिग्रहण को लेकर इन दिनों राजधानी रायपुर से लेकर दिल्ली के सियासी गलियारों में बवाल मचा है। सोशल मीडिया से शुरू हुई आरोप-प्रत्यारोप की सियासत बुधवार को विधानसभा में भी देखने को मिली। दरअसल विधानसभा के मानसून सत्र के तीसरे दिन गहमागहमी के बीच स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव ने मेडिकल कॉलेज के अधिग्रहण का विधेयक पेश किया। सदन में विधेयक पेश होने से पहले बीजेपी विधायक बृजमोहन अग्रवाल ने इस पर आपत्ति जताते हुए कहा कि इस बात का ध्यान रखिएगा कि किसी के साथ अन्याय न हो, जिस पर टीएस सिंहदेव ने जवाब दिया कि मैं भरोसा दिलाता हूं कि इस अधिग्रहण के बाद किसी की लेनदारी-देनदारी में दिक़्क़त नहीं होगी। विधेयक पर गुरुवार को चर्चा होगी…लेकिन चंदूलाल चंद्राकर मेमोरियल कॉलेज के अधिग्रहण विवाद पर जुबानी जंग जारी रही।

इससे पहले मेडिकल कॉलेज के अधिग्रहण पर विवाद की शुरुआत ट्विटर पर हुई, केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल, ज्योतिरादित्य सिंधिया और पूर्व मुख्यमंत्री रमन सिंह और राष्ट्रीय प्रवक्ता समेत करीब 50 लोगों ने इस मुद्दे पर ट्वीट कर छत्तीसगढ़ सरकार को घेरने की कोशिश की है। बीजेपी नेताओं ने सीएम पर जनहित की आड़ में परिवार को लाभ पहुंचानने का आरोप लगाया है, जिस पर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने इसका जवाब ट्वीट कर ही दिया।चंदूलाल चंद्राकर मेडिकल कॉलेज पर प्रकाशित एक समाचार पर तरह-तरह के कयास लगाए जा रहे हैं, वे सब निराधार हैं। ये प्रदेश के एक मेडिकल कॉलेज और सैकड़ों छात्रों के भविष्य को बचाने का प्रयास है। इससे एक नया मेडिकल कॉलेज बनाने का समय बचेगा और हर साल प्रदेश को डेढ़ सौ डॉक्टर मिलेंगे। साथ ही लिखा कि…यह खबर कल्पनाशीलता की पराकाष्ठा से उपजा विवाद है,जिसे मैं चुनौती देता हूं। अगर जनहित का सवाल होगा तो सरकार निजी मेडिकल कॉलेज भी खरीदेगी और नगरनार का संयंत्र भी.. हम सार्वजनिक क्षेत्र के पक्षधर लोग हैं और रहेंगे, हम उनकी तरह जनता की संपत्ति बेच नहीं रहे हैं। कांग्रेस ने भी मुख्यमंत्री के परिवार को लाभ पहुंचाने के आरोपों को बेबुनियाद बताया है।

छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा कॉलेज अधिग्रहण को लेकर सिंधिया समेत केंद्रीय मंत्रियों के सीधे आरोप के बाद, प्रदेश बीजेपी ने सरकार के खिलाफ जिस तरह से मोर्चा खोला है, उससे ये तो साफ है कि आने वाले कुछ समय तक इसे लेकर सियासी तपिश बनी रहेगी, पर यहां बड़ा सवाल ये है कि सरकार कहे अनुसार इस अधिग्रहण से प्रदेश के छात्रों को इसका कितना लाभ मिल पाएगा

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