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Bhopal Shocker: भोपाल में सनसनीखेज वारदात, क्लब में 10वीं के छात्र पर दो नाबालिगों का हमला, 30 सेकंड में चाकू से किए 27 बार वार, सीसीटीवी में VIDEO कैद


(Photo Credits File)

Bhopal Shocker: मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के टीला जमालपुरा इलाके से एक रूहानी कंपा देने वाला वीडियो सामने आया है. यहां एक स्थानीय स्नूकर क्लब में 10वीं कक्षा के एक छात्र पर दो नाबालिग लड़कों ने चाकू और खंजर से जानलेवा हमला किया. महज 30 सेकंड के भीतर आरोपियों ने छात्र पर 27 बार वार किए. घटना का सीसीटीवी फुटेज सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं.

विवाद और हमले की पूरी घटना

पुलिस के अनुसार, यह घटना 15 फरवरी की है जब पीड़ित छात्र गणेश चौक स्थित एक स्नूकर क्लब में गेम देखने गया था. जांच में सामने आया है कि आरोपियों और पीड़ित के बीच पुराना विवाद था. गौतम नगर थाना के सब-इंस्पेक्टर महिपाल सिंह भदोरिया ने बताया कि आरोपियों ने पीड़ित के साथ गाली-गलौज की और उस पर खेल में दबदबा बनाने का आरोप लगाया. जब छात्र ने विरोध किया, तो आरोपियों ने पहले उसे पीटा और फिर धारदार हथियारों से हमला कर दिया.  यह भी पढ़े: Bhopal Shocker: भोपाल में खौफनाक वारदात, कुत्तों के विवाद में ‘डॉग लवर’ ने महिलाओं पर चलाई तलवार, आरोपी गिरफ्तार; VIDEO

भोपाल में सनसनीखेज वारदात

CCTV  में कैद हुई वारदात

वायरल वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि दो लड़के क्लब में घुसते ही पीड़ित को कोने में घेर लेते हैं. इसके बाद वे अपने पास छिपे चाकू और खंजर निकालकर उस पर ताबड़तोड़ हमला शुरू कर देते हैं. हमला करने के बाद दोनों आरोपी तुरंत मौके से फरार हो गए. हैरानी की बात यह है कि आरोपियों ने खुद ही इस हमले का सीसीटीवी फुटेज सोशल मीडिया पर प्रसारित कर दिया था.

पीड़ित की हालत और चिकित्सीय रिपोर्ट

हमले में छात्र के कंधे, पीठ और शरीर के अन्य हिस्सों पर 12 से ज्यादा गहरे घाव आए हैं. फिलहाल पीड़ित का अस्पताल में इलाज चल रहा है. डॉक्टरों के अनुसार, उसकी हालत में अब सुधार हो रहा है. पुलिस का कहना है कि शुरुआती तौर पर मारपीट की धाराओं में मामला दर्ज किया गया था, लेकिन मेडिकल रिपोर्ट आने के बाद सख्त धाराएं जोड़ी जाएंगी.

पुलिस की कार्रवाई पर उठे सवाल

इस मामले में सबसे चौंकाने वाला पहलू पुलिस की कार्रवाई रही है. घटना के बाद पुलिस ने दोनों नाबालिग आरोपियों को हिरासत में तो लिया, लेकिन उन्हें महज नोटिस देकर छोड़ दिया गया. इस फैसले ने स्थानीय निवासियों और सोशल मीडिया पर लोगों के बीच आक्रोश पैदा कर दिया है. लोगों का कहना है कि इतने हिंसक हमले के बावजूद आरोपियों को इस तरह छोड़ देना कानून व्यवस्था के लिए चिंता का विषय है.




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