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अम्बिकापुर – मेडिकल कॉलेज अस्पताल चोरो के लिए महफूज ठिकाना, 15 से अधिक मरीज के परिजनों से हुई चोरी

सोनुकेदार सरगुजा- अम्बिकापुर का मेडिकल कॉलेज अस्पताल चोरो के लिए महफूज ठिकाना बन गया है… इस अस्पताल मे आय दिन चोरी होती है.. लेकिन आरोपी बहुत कम ही पकडे जाते है.. और यही वजह है कि चोरो के हौसले इतने बुलंद है कि वो अस्पताल मे लगातार चोरी की वारदात को अंजाम दे रहे हैं.. मौजूदा घटना मे चोरो ने अस्पताल के एमसीएच बिल्डिंग मे चोरी की वारदात को अंजाम दिया है.. जहां से चोरो ने 15 से अधिक मरीज के परिजनो के मोबाईल औऱ रूपए पार कर दिए हैं।

अम्बिकापुर मेडिकल कॉलेज अस्पताल मे सुरक्षा के लिहाज से चारो ओर सीसीटीवी कैमरे लगाने के दावे किए जाते हैं.. लेकिन ये कैमरे बंद है या चालू हैं.. इस बात का पुष्टी इसी बात से होती है कि यहां लगातार चोरी की वारदात हो रही है. लेकिन चोर कभी भी सीसीटीवी कैमरे मे कैद नहीं होते है… इस बार भी चोरी की वारदात अस्पताल के एमसीएच बिल्डिंग के शिशु वार्ड मे हुई है.. जहां चोरो ने मरीज बच्चो के 15 परिजनो के मोबाईल और 5 परिजनो के हजारो रूपए नगद पार कर दिए हैं.. सबुह करीब 3 बजे जब कुछ परिजनो को चोरो की आहट हुई .. तो उन्होने उठकर चोर का पीछा किया. लेकिन तब तक वो कहीं फरार हो गया।

मेडिकल कॉलेज अस्पताल मे इतनी बडी चोरी की वारदात के बाद जब हमने प्रबंधन से इस घटना की जानकारी लेने पहुंचे .. तो उन्होने ऐसी किसी प्रकार की सूचना होने से इंकार कर दिया.. जबकि तब तक चोरी की घटना को घंटो बीत गया था… इतना ही नही अस्पताल के अधीक्षक की माने तो ऐसी घटना को सीसीटीवी फुटेज मे देखा जाएगा.. लेकिन मोबाईल चोरी के मामले मे पुलिस मोबाईल लोकेशन के हिसाब से कार्यवाही कर सकती है।

मिली जानकारी के मुताबिक मरीजो और उनकी जान माल की सुरक्षा के लिए अस्पताल मे सीसीटीवी कैमरा के अलावा गार्डो की भी तैनातगी की गई है… लेकिन चोरी की इस घटना और अस्पताल अधीक्षक के बयान से ये लगता है कि अस्पताल मे सुरक्षा के उपाय केवल दिखावे के लिए हैं।

इससे पहले पिछले वर्षो मे अस्पताल से सैकडो मरीज के परिजनो के साईकिल , मोटरसाईकिल और मोबाईल समेत कई अन्य सामग्री की चोरी हो चुकी है.. लेकिन उसके बावजूद पुलिस और अस्पताल प्रबंधन पंगू बना है.. बहरहाल 15 मरीज के परिजनो के मोबाईल और हजारो रुपए के चोरी हो जाने वाले इस मामले मे प्रबंधन पुलिस की क्या मदद करता है.. और पुलिस कितना जल्द आरोपियो तक पहुंचती है.. ये कह पाना इसलिए मुश्किल है.. क्योकि ऐसा पहली बार नहीं हुआ है।

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