क्या आप जानते हैं ?चाय पीना क्यूं जरूरी हैं – आइए जानते हैं कैसे चाय स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद?

भारत में चाय का इस्तेमाल बहुत ज्यादा होता है. दिन भर में कम से कम दो कप चाय तो आम है. चाय के पीछे कई तर्क और धारणाएं छिपी हैं. कुछ लोग कहते हैं कि स्वास्थ्य की समस्याओं के कारण चाय से दूर रहा जाए. दूसरी तरफ अन्य लोगों का मानना है कि चाय हमारी सेहत को बनाए रखने में मदद कर सकती है. इन सबके बीच एक तीसरा वर्ग भी है जो सिर दर्द, नींद की खराबी और चिंता के पीछे कैफीन को कारण मानता है.
चाय पर बनी दुविधा को दूर करने के लिए विशेषज्ञ ल्यूक कोटिन्हो ने कुछ सुझाव बताए हैं. उनका कहना है कि आप इन तरीकों से चाय को स्वस्थ बना सकते हैं. उन्होंने कहा कि उसके लिए सबसे सरल रखने और ज्यादा नहीं करने के लिए उसका सेवन है. आपकी मदद के लिए उन्होंने कुछ टिप्स इंस्टाग्राम पर पोस्ट किया है.
चाय को स्वस्थ बनाने की टिप्स पत्तियां- हमेशा अच्छी क्वालिटी वाली चाय की पत्तियों का इस्तेमाल करें. हालांकि हो सकता है ये बाजार में महंगी मिले, लेकिन उसका स्वाद बेहतर होता है और हमारी सेहत के लिए फायदेमंद होती है.
लैक्टोज असंवेदनशीलता- अगर दूध से हमारा पेट फूलता है या लैक्टोज से एलर्जी होती है, तो पैक दूध के मुकाबले प्राकृतिक दूध को चुन सकते हैं. अगर उससे भी हमें मदद नहीं मिलती है, तो दूध से दूरी बनाएं और ब्लैक टी का इस्तेमाल करें. कृत्रिम मिठास- कृत्रिम मिठास इस्तेमाल करने के बजाए स्टेविया यानी मीठी तुलसी या प्राकृतिक गुड़ उसके बजाए इस्तेमाल करें. ये उसे साधा पीएं. मसाले और जड़ी-बूटियां- चाय के सेहतमंद गुणों को बढ़ाने के लिए लौंग, इलायची, अदरक, दालचीनी, तुलसी या केसर को कप में मिलाएं.
समय- ल्यूक का सुझाव है कि हमें खाली पेट चाय नहीं पीना चाहिए. बिस्तर पर जाने से पहले उसका इस्तेमाल भी अच्छा विचार नहीं है. कैफीन- अगर चाय में मौजूद कैफीन हमें और अधिक एसिडिक बना रही है या हमारी नींद को खराब कर रही है, तो उसे छोड़ना बेहतर है. हालांकि, हम तुलसी चाय का रुख कर सकते हैं जिसमें कैफीन नहीं होती है. अन्य टिप्स- हम सुरक्षित तरीके से रोजाना दो कप चाय का सेवन जारी रख सकते हैं जब तक कि डॉक्टर इसके विपरीत सलाह न दे. लेकिन एक दिन में पांच या अधिक कप पीने की आदत बना ली है, तो समय आ गया है धीरे-धीरे आदत से दूर जाने का. उसके अलावा, चाय को शहद के साथ न उबालें और न पीएं. अगर हमें स्वास्थ्य की कोई समस्या नहीं है तो एक चम्मच शुगर का इस्तेमाल कर सकते हैं. लेकिन शुगर का अधिक सेवन न करें.



