छत्तीसगढ़ में अब स्वास्थ्य विभाग ने सघन सामुदायिक सर्वे (कम्युनिटी सर्वे) का विकल्प चुना है। मिली जानकारी के मुताबिक अब सरकारी महकमा हर घर दस्तक देगा और सभी से पूछा जाएगा कि किसी को सर्दी, जुकाम, खांसी या अन्य कोई लक्षण तो नहीं। अगर होंगे तो तत्काल उनकी जांच करवाई जाएगी। पॉजिटिव आने पर होम आइसोलेट, कोविड केयर सेंटर या फिर गंभीर होने पर कोविड-19 हॉस्पिटल में भर्ती करवाया जाएगा।
गौरतलब है कि प्रदेश में कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या 1 लाख 15 हजार जा पहुंची है। इस आंकड़े में लगभग रोज ही 2700 मरीज के आसपास का इजाफा हो रहा है। कोरोना के इसी चेन को तोडऩे के लिए लॉकडाउन का विकल्प चुना गया था, मगर इससे खास सफलता नहीं मिली।
2 से 12 अक्टूबर तक चलेगा सामुदायिक सर्वे
आज गांधी जयंती, 2 अक्टूबर से 12 अक्टूबर तक कोरोना सघन सामुदायिक सर्वे अभियान की शुरुआत होने जा रही है। स्वास्थ्य विभाग की अपर मुख्य सचिव रेणु जी. पिल्ले ने सभी जिला कलेक्टरों को इससे संबंधित दिशा-निर्देश जारी किए। सर्वे का आधार क्या होगा? क्या सवाल-जवाब होंगे? इसका पूरा फॉर्मेट जिलों को राज्य कोरोना कंट्रोल एंड कमांड सेंटर से भेजा चुका है। सर्वे में ग्रामीण क्षेत्रों में कोरोना के फैलाव का पता करने के लिए जमीनी स्तर पर अधिकारी-कर्मचारी मैदान पर उतरेंगे।



