
छत्तीसगढ़ – बिलासपुर जिले में गड़े धन के लालच में यूट्यूब से तंत्र मंत्र सीख कर युवक की बलि देने वाले दो आरोपियो को बिलासपुर पुलिस ने जबलपुर व सतना से गिरफ्तार किया है। मृतक युवक भी गड़े धन को पाने के लालच में ही आरोपियो के सम्पर्क में आया था। हिर्री थाना क्षेत्र के ग्राम खरकेना में रहने वाले युवक सुरेश कुमार साहू के बड़े भाई राम प्रसाद साहू ने थाना हिर्री में 13 अप्रैल 21 को एफआईआर दर्ज करवाते हुए जानकारी दी थी कि मेरे छोटे भाई को किसी अज्ञात व्यक्ति द्वारा धारदार हथियार से गले व चेहरे में वॉर कर हत्या कर दिया गया है।
मामले में पुलिस की टीम आरोपियो के सम्बंध में जानकारी ले रही थी पर मृतक युवक के किसी से भी दुश्मनी नही होने की बात पुलिस को पता चली। तब पुलिस ने अपनी जांच की दिशा बदलते हुए युवक के पृष्ठभूमि व उससे जुड़े लोगों की पतासाजी शुरू की। पुलिस को इस दौरान पता चला कि मृतक युवक सुरेश जादू टोना व गड़े धन की तलाश में रहा करता था तथा इसके लिये वह सुभाष दास मानिकपुरी व माखन दास के सम्पर्क में था। ये दोनों भी गड़े धन को पाने के लिये जादू टोने के उपक्रम में लगे थे। दोनो आरोपी घटना के बाद से ही गांव से फरार चल रहे थे।
पुलिस ने आरोपियो की पतासाजी शुरू की पर दोनो आरोपियों के घर वाले भी कई वर्षों से उसकी जादू टोना की हरकतों के चलते उससे दूर थे इसलिए आरोपियो का पता नही चल पा रहा था। पर पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि आरोपी माखन दास सतना में मेडिकल कालेज में गॉर्ड की नौकरी कर रहा है। वहां से आरोपी माखन को पकड़ा गया फिर उसकी निशानदेही पर जबलपुर में गॉर्ड की नौकरी कर रहे सुभाष दास को भी पुलिस ने पकड़ लिया। पूछताछ में पुलिस को आरोपियो ने बताया कि गड़ा धन व हंडा पाने के लिये आरोपियो ने यूट्यूब से तंत्र मंत्र सीखा था और इसी लिये युवक सुरेश कुमार साहू की नरबलि इन्होंने धारदार हथियार से कर दी थी।
इस बीच पुलिस को पता चला कि वारदात से कुछ दिन पहले माखन दास ने किसी को बताया था कि वह सुभाष के साथ जबलपुर में रह रहा है। इस पर एक टीम तलाश में जबलपुर भेजी गई। वहां पता चला कि आरोपी माखन दास सतना मेडिकल कॉलेज में काम करने लगा है। पुलिस ने उसको पकड़ा तो पता चला कि सुभाष जबलपुर में गार्ड है। इस पर पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में आरोपियों ने सुरेश की बलि देने की बात स्वीकार की है।
पुलिस पूछताछ में पता चला कि सुभाष साल 2012 से ही गड़े धन की तलाश में जादू-टोना कर रहा है। इसी चक्कर में उसकी पहचान माखन दास से हुई। माखन दास नए-नए लोगों को लेकर सुभाष के पास आता। जिनको पारिवारिक या अन्य कोई समस्या होती तो सुभाष जादू-टोने से उसे ठीक करने का दावा करता और दोनों रुपए वसूलते। सुरेश भी माखन के ही गांव का था। उसने सुभाष से सुरेश का परिचय कराया। इसके बाद तीनों में घनिष्ठता बढ़ गई।




