
गिरिश गुप्ता गरियाबंद – छत्तीसगढ़ प्रदेश के राजकीय पशु वनभैसों पर संकट की बादल मंडरा रही है लगातार इन वनभैसों की संख्या घट रही है जो पूरे प्रदेश के लिऐ चिंता का विषय है उदंती सीतानदी टाईगर रिजर्व के उदंती अभ्यारण में फिर एक राजकीय पशु वनभैसा की मौत हो गई, मिली जानकारी के अनुसार उदंती अभ्यारण क रेस्क्यू सेंटर के भीतर रखे राजकीय पशु एक नर वनभैसा का कल गुरुवार शाम को अचानक मौत हो गई और मौत की जानकारी लगते ही वनविभाग में हड़कंप मची हुई है।

वन विभाग से मिली जानकारी के अनुसार 11 नवम्बर सुबह गरियाबंद के दक्षिण उदंती परिक्षेत्र में स्थित वनभैंसा प्रजनन एवं संवर्धन केंद्र, जुगाड में रखे सभी वनभैंसों का स्वास्थ तथा गतिविधि सामान्य पाया गया, किंतु सुबह लगभग 11.00 बजे मैदानी अमले ने सोमू नामक एक नर वनभैंसे को असामान्य व्यवहार करते हुए पाया, जिसका नजदीक से परीक्षण करने पर उसका पेट फूला हुआ पाया गया, जिसको संज्ञान में लेते हुए तत्काल पशुचिकित्सक को इलाज हेतु गरियाबंद से बुलाया गया।
पशुचिकित्सक के मौके पर पहूंचने की अवधि दौरान, उनके द्वारा दूरभाष पर दी गई सलाह अनुरूप वन अमले तथा डबल्यू टी आई की टीम द्वारा प्राथमिक उपचार किया गया, परंतु पशुचिकित्सक के पहुंच ने के पूर्व, प्राथमिक उपचार के दौरान ही सोमू वनभैंसे ने अपनी अंतिम सांस ली, इसके एक दिन पूर्व प्रजनन एवं संवर्धन केंद्र में रखे सभी वनभैंसों का डबल्यू टी आई की टीम एवं वन अमले द्वारा निरीक्षण किया गया, जिस दौरान सभी वनभैंसे स्वस्थ हालत में पाए गए, आज शुक्रवार को सुबह, मुख्य वन्य संरक्षण वन्य प्राणी रायपुर राजेश पांडेय , उपनिदेशक उदंती सीतानदी टाइगर रिजर्व आयुष जैन, सहायक संचालक उदंती मनेन्द्र सिदार, परिक्षेत्र अधिकारी दक्षिण उदंती डीके साहू, तथा वन अमले की मौजूदगी में पोस्ट मार्टम किया गया।

इस सबंध में चर्चा करने पर उदंती सीतानदी टाईगर रिजर्व के उपनिदेशक आयुष जैन ने बताया कि कल गुरूवार को एक वनभैसा की मौत हो गई, जिसका आज पोस्टमार्डम किया गया है, पोस्टमार्डम में एकत्रित सैम्पल के रिर्पोट के उपरान्त ही मृत्यू का सही कारण ज्ञात हो पायेगा।
लगातार घट रही है वनभैसांे की संख्या
उदंती अभ्यारण्य राजकीय पशु वनभैसांे के नाम से पुरे प्रदेश में जाना जाता है लेकिन पिछले कुछ वर्षो में लगातार वनभैसों की संख्या उदंती अभ्यारण्य के भीतर घटी है, कुछ माह पूर्व उदंती मंे एक मात्र बचे मादा वनभैसा खुशी की भी मौत हो गई है, अब उदंती में एक भी मादा वनभैसा नही है, वही कल अचानक सोमू वनभैसा की मौत कई सवालांे को जन्म दे रहा है,क्योंकि सरकार द्वारा वनभैसांे के संरक्षण और संवर्धन के लिए लाखंांे करोडो रूपये पानी की तरह खर्च किया जा रहा है इसके बावजूद भी वन्यभैसों की संख्या घटना पर्यावरण पे्रमियो और प्रदेश के लिए बहुत बडी क्षति है क्योंकि वनभैसा को राजकीय पशु का दर्जा प्राप्त है ।



