लगभग 100 घंटों तक का अथक प्रयास लाया रंग, राहुल आया बाहर |

लगभग 100 घंटों तक का अथक प्रयास रंग लाया है। जांजगीर जिले के पिहरीद गांव में बोर में फंसे राहुल को एनडीआरएफ की टीम ने बहार निकाल लिया है। राहुल के माता-पिता को टनल के पास आ गए है। इससे यह स्पष्ट हो रहा है कि राहुल को बाहर निकालने लगभग मिशन सक्सेसफुल हो गया है। मौके पर इंडियन आर्मी और रेस्क्यू की टीम भी मौजूद है।सुरंग के बाहर स्ट्रेचर ले जाने चैन बनाई जा रही है।
वही सुरंग के बाहर सभी जवान अलर्ट मोड़ में है। बता दें कि जांजगीर जिले के मालखरौदा ब्लॉक का गांव पिहरिद नेशनल मीडिया में है। यहां एक दिव्यांग बच्चा राहुल साहू जो पिछले 96 घंटे से बोरवेल में फंसा हुआ है। इतने ही घंटे से रेस्क्यू टीम डटी हुई है। टीम के सदस्यों के कपड़े धूल से सने हैं। पसीने के दाग पड़ गए हैं।खाने-पीने के लिए कभी सरपंच की ओर से, कभी प्रशासन और पुलिस की ओर से तो कभी विधायक की ओर से व्यवस्था की जा रही है।
मेडिकल टीम बड़ी बेचैनी से एंबुलेंस के आसपास ही इस इंतजार में बैठी है कि राहुल बाहर आए और उसकी प्रारंभिक जांच और इलाज करते हुए सीधे बिलासपुर की ओर भागें, जिससे तत्काल प्रभाव से उसे बेहतर इलाज मिल सके। मेडिकल टीम के सदस्य यह जानते हैं कि 96 घंटे से राहुल जिस तरह पानी और कीचड़ में है।उससे किस तरह की समस्याएं आ सकती हैं।
इससे कुछ समय पहले ही हरिभमि डाट काम ने खबर दी थी कि, अब आर्मी के जवानों ने मोर्चा संभाल लिया है। आर्मी के जवानों की टीम टनल के पास पहुंच गई है। कुछ आर्मी के अधिकारी टनल के अंदर गए हैं। टनल के अंदर की स्थिति की वे जानकारी ले रहे हैं। ऐसा माना जा रहा है कि अब बस कुछ ही मिनटों में वो पल आने वाला है जिसका कि पूरे छमत्तीसगढ़ समेत देशवासियों को इंतजार है।





