Cgnews – सीएम के ड्रीम प्रोजेक्ट को ठेंगा, 3 साल से शहर में नहीं खोज सके गौठान के लिए जगह, 3000 आवारा पशु सड़कों पर – cgtop36.com

दुर्ग- सीएम बघेल के ड्रीम प्रोजेक्ट नरवा, गरूवा, घुरुवा, बाड़ी प्रोजेक्ट के तहत आवारा मवेशियों पर नियंत्रण के लिए गौठान बनाए जाने है। इन गौठानों में पशुओं के लिए शेड, पानी, चारा, फेंसिंग के साथ देखभाल की सभी व्यवस्थाएं रखी जानी है। राज्य शासन ने योजना के तहत नगर निगम क्षेत्र में 4 गौठान बनाने की स्वीकृति दी है। 5 एकड़ अथवा इससे ज्यादा क्षेत्रफल में बनाए जाने वाले प्रत्येक गौठान के निर्माण में 20 से 25 लाख रुपए खर्च किया जाना है। निगम इनमें से केवल गोकुल नगर में एक गौठान बना पाया है। जहां करीब 200 मवेशी रखे जा रहे हैं। निगम के अधिकारियों की मानें तो अभी भी करीब 3000 आवारा मवेशी शहर की सड़कों पर घूम रहे हैं।
योजना के अंतर्गत बघेरा में भी गौठान बनाया जाना है। निगम प्रशासन द्वारा इसके लिए जमीन भी चिन्हित कर लिया गया है, लेकिन यह जमीन जिला प्रशासन के अधीन है। जमीन के निगम को हस्तांतरण के लिए पत्र भेजा गया है, लेकिन लंबे समय बाद भी जिला प्रशासन की ओर से इसके लिए पहल नहीं लिया गया है।
मंडी की खाली जमीन पर प्रस्ताव
इधर पटरीपार क्षेत्र में कृषि उपज मंडी परिसर की अनुपयोगी जमीन पर भी गौठान निर्माण की योजना है। यह जमीन भी मंडी समिति से मांगी गई है। निगम प्रशासन के मुताबिक विधायक अरुण वोरा व महापौर धीरज बाकलीवाल की मंडी समिति के अध्यक्ष अश्वनी साहू से चर्चा में इस पर सहमति बन गई है, लेकिन कागजी कार्रवाई अभी पूरी नहीं हो पाई है।
बता दें कि नगर निगम का एकमात्र गौठान गोकुल नगर में संचालित किया जा रहा है। यहां करीब 250 मवेशी रखे जा रहे हैं। इस गौठान का संचालन महिला समूह के द्वारा किया जा रहा है। बताया जाता है कि यहां मवेशियों की संख्या के अनुरूप जगह नहीं है। इससे मवेशियों की संख्या बढ़ाना संभव नहीं हो पा रहा है।
अनुमान का मुताबिक शहर में 3 हजार से ज्यादा आवारा मवेशी है। इनमें से अधिकतर 24 घंटे सड़कों पर घूमते रहते हैं। जीई रोड के अलावा इंदिरा मार्केट, पटरीपार सिकोला सब्जी मार्केट व धमधा रोड, पुलगांव के आसपास मवेशियों का जमावड़ा रहता है। सर्वाधिक परेशानी की स्थिति बाजार इलाके में होती है। गोठान अथवा कांजी हाउस नहीं होने के कारण लंबे समय है इनकी धरपकड़ बंद है।




