तमोर पिंगला अभ्यारण में छग के सबसे उम्रदराज हाथी का निधन, 72 वर्ष की उम्र तक रहा सिविल बहादुर

सूरजपुर के तमोर पिंगला अभ्यारण के हाथी रेस्क्यू सेंटर में आज एक उम्रदराज हाथी की मौत हो गयी , जहा 72 वर्षीय इस हाथी का नाम सिविल बहादुर था। बताया जाता है कि 1990 के दौरान सिविल बहादुर हाथी तमोर पिंगला अभ्यारण में अपने दल के साथ पहुचा था। बता दें कि बेहद बहादुर होने के कारण ही इसका नाम सिविल बहादुर रखा गया था। सिविल बहादुर को कुछ सालों के लिए अचानकमार अभ्यारण में भी ले जाया गया था।
वहीं साल 2017 में वापस तमोर पिंगला अभ्यारण के हाथी रेस्क्यू सेंटर लाया गया। उम्र ज्यादा होने के कारण लगातार सिविल बहादुर बीमार रहने लगा था जिसकी महावत देखरेख कर रहे थे। आज सुबह बहादुर हाथी का निधन हो गया।
रेस्क्यू सेंटर परिवार में सन्नाटा पसर गया और गमगीन स्थिति बन गई, क्योंकि कर्मचारी ज्यादा समय उसी के साथ व्यतीत करते थे। उसका पोस्टमार्टम किया है, ताकि उसकी मौत का कारण और स्पष्ट हो सके। पीएम के बाद अधिकारियों- कर्मचारियों की मौजूदगी में उसका सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया और नम आखों से उसे अंतिम विदाई दी गई।
रेंजर अजय सोनी ने कहा कि पूरी टीम सिविल बहादुर के साथ घुल-मिल गई थी और उसकी सेवा करती थी। सभी को इस बात की तकलीफ है कि सबसे पुराना परिवार का सदस्य अब उनके बीच नहीं रहा। सिविल बहादुर का पूजा पाठ के साथ अंतिम संस्कार किया गया। मौके पर तमोर पिंगला अभ्यारण्य के सरगुजा सीएफ के आर बढई समेत अभ्यारण्य के तमाम अधिकारी कर्मचारियों ने गमगीन माहौल में श्रद्धांजलि दिया।





