भाजपा विधायक एवं पूर्व मंत्री बृजमोहन अग्रवाल ने छत्तीसगढ़ में कोरोना के व्यापक संक्रमण के लिए छ.ग. सरकार को जवाबदेह ठहराते हुए कहा कि आर्थिक रूप से बदहाल इस प्रदेश में प्रदेश सरकार ने कोरोना को भी पैसा उगाही का माध्यम बना दिया है। छ.ग. के लोगों के जीवन पर बात आ गई, उसकी चिंता करने बजाय पूरी सरकार असम में जाकर बैठी है। अग्रवाल ने कहा कि कोरोना के ईलाज व इन्फ्रास्ट्रक्चर के नाम पर प्रदेश सरकार ने शराब पर सेंश लगाकर लगभग 600 करोड़ रूपये वसूले है। इसमें से एक भी रूपया कोरोना काल में न तो इन्फ्रास्ट्राचर पर खर्च किया गया और ना ही कोरोना के ईलाज के नाम पर खर्च किया गया। सरकार चाहती तो इन पैसो से एक साल के अंदर कोविड-19 के लिए बड़े बड़े हॉस्पीटल व सुविधाएं तैयार कर सकती थी, पर सरकार 600 करोड़ कमाई कर सोई रही।
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अग्रवाल ने कहा कि सरकार गरीब जनता को जागरूक कर मास्क व सेनिटाईजर बांटने के बजाय, ”मास्क लगानेÓÓ को प्रोत्साहित व अनिवार्य करने के बजाय 500/- की वसूली चालू कर दी है एवं पैसा कमाने का नया व्यवसाय चालू कर दिया है। अग्रवाल ने कहा कि केन्द्र सरकार से कोविड-19 के वैक्सीन के लाखों लाख डोज छ.ग. सरकार को प्राप्त हुआ, सरकार व स्वास्थ्य मंत्री ने सिर्फ केन्द्र सरकार से दुर्भावना के चलते इस वैक्सीन को खतरा बताते हुए जहां बयान दिया व समय पर उपयोग में नहीं लिया, अगर इस वैक्सीन का समय रहते उपयोग किया जाता तो लाखों लोग संक्रमण से बच सकते थे। देश के अनेक हिस्सों में व विदेशों में, स्वयं प्रधानमंत्री उस वैक्सीन का उपयोग कर रहे थे और प्रदेश का वैज्ञानिक स्वास्थ्य मंत्री इसका विरोध कर प्रदेश की जनता को खतरे की ओर ढकेल रहे थे।
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उन्होंने कहा कि छ.ग. सरकार की लापरवाही के चलते व जनता के जीवन से खिलवाड़ करने की मानसिकता के चलते ही आज हम 22 करोड़ वाले उत्तरप्रदेश सहित बिहार, मध्यप्रदेश, तमिलनाडू से आगे निकलकर अब देश के पांचवे एक्टिव मरीजों वाले राज्य बन गए है। कोरोना के कुल मामले में हम राजस्थान, गुजरात, मध्यप्रदेश, बिहार व पंजाब जैसे बड़े-बड़े राज्यों को पछाड़कर 11वें पायदान में पहुंच गए है। सरकार की लापरवाही के चलते मौत के मामले में भी हम 11वें पायदान पर खड़े हैं। अग्रवाल ने कहा कि सरकार ने 50-50 हजार लोगों के इकठे कर क्रिकेट मैच करवाया, आज उसी का परिणाम है कि छत्तीसगढ़ कोरोना के हॉट स्पॉट बन गया है। अस्पताल में बिस्तरों की कमी पड़ रही है। पूरे प्रदेश में धारा 144 लगा है 4 लोग इकठे नहीं हो सकते पर शराब दुकानों में जो शासकीय संस्थान है जहां धारा 144 तोड़कर हजारों का मेला लगा है और सरकार आंख मूंदकर बैठी है।




