दुर्ग जिले में रानीतरई थाना क्षेत्र के ग्राम मातरेडीह निवासी एक किसान ने अपने खेत के पेड़ में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली है। किसान ने आत्महत्या के पहले पत्र लिखा है जिसमें उसने बताया कि है उसके धान की फसल में भूरा बीमारी लग गई है और वह दवाई का छिड़काव किया लेकिन कोई असर नहीं हुआ और उसकी फसल बर्बाद हो गई। इसी चिंता में किसान ने फांसी लगा ली। मामले में रानीतरई पुलिस ने मामले पर मर्ग कायम कर लिया है।
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घटना रविवार की सुबह की बताई जा रही है, सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची तब किसान खेत के कहुआ पेड़ में फांसी पर लटका मिला। मृतक किसान डूगेस के पास पुलिस को एक सूसाइड नोट मिला है, जिसमें किसान ने अपनी परेशानी बयान की है।
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टीआई ने मीडिया को बताया कि पत्र में मृतक डूगेस 34 वर्षीय ने लिखा है कि वह गांव के एक व्यक्ति का खेत रेगहा में लेकर धान बोया है एवं इस साल बारिश अच्छी होने से धान की फसल अच्छी थी, उसे उम्मीद थी कि इस बार उसका धान बहुत अच्छा होगा। लेकिन फसल में भूरा बीमारी लग गया। बीमारी से फसल को बचाने उसने कई दवाइयों का छिड़काव किया, लेकिन कोई लाभ नहीं हुआ। फसल खराब हो गया। इसी चिंता में वह जिस खेत में धान बोया है, उसी खेत के पेड़ में फांसी लगाकर जान दे दी।




