ओलंपिक मेडलिस्ट पहलवान साक्षी मलिक ने हरियाणा सरकार पर वादा पूरा न करने का आरोप लगाया है. उन्होंने आरोप लगाया है कि दुनिया के सबसे बड़े स्टेज पर सफल होने के बाद भी उनको सिर्फ आश्वासन दिया जा रहा है, लेकिन वादे के मुताबिक पुरस्कार नहीं दिया जा रहा है. साक्षी ने 2016 के रियो ओलंपिक में ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम किया था.
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4 साल बाद भी मिल रहा सिर्फ आश्वासन
हाल ही में अर्जुन पुरस्कार के लिए नामित किए गए 29 खिलाड़ियों में से एक साक्षी मलिक ने कहा कि सरकार ने वादे के मुताबिक, उनको न तो 500 गज जमीन दी और ना ही सरकारी नौकरी. इतने सालों से सिर्फ आश्वासन ही मिल रहा है.
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साक्षी ने ठीक 4 साल पहले 18 अगस्त 2016 को ही रियो ओलंपिक में कुश्ती का ब्रॉन्ज मेडल जीता था. कुश्ती का ओलंपिक मेडल जीतने वाली साक्षी पहली भारतीय महिला पहलवान बनी थीं. इतना ही नहीं, रियो ओलंपिक में भारतीय एथलीटों के निराशाजनक प्रदर्शन के बीच देश को पहला मेडल साक्षी ने ही दिलाया था.
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इस उपलब्धि के 4 साल बाद भी पुरस्कार नहीं मिलने पर साक्षी ने निराशा जताई. उन्होंने कहा, “राज्य के खेल मंत्री अनिल विज और मुख्यमंत्री से भी मुलाकात की है, लेकिन वहां से भी उन्हें सिर्फ आश्वासन ही दिया जा रहा है कि काम हो रहा है, लेकिन अभी तक कुछ नहीं हुआ.
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पहले भी लग चुके हैं सरकार पर आरोप
यह पहला मौका नहीं है, जब साक्षी ने हरियाणा सरकार पर वादा पूरा न करने का आरोप लगाया है. इसस पहले 2017 में भी साक्षी ने हरियाणा सरकार को इसी तरह के आरोप में घेरा था. तब साक्षी ने ट्वीट कर लिखा था कि मेडल लाने का अपना वादा उन्होंने पूरा किया, लेकिन हरियाणा सरकार कब वादा पूरा करेगी.
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हरियाणा सरकार अक्सर एथलीटों को प्रोत्साहित करने के लिए बड़ी ईनामों का वादा करती रही है, लेकिन अक्सर राज्य सरकार पर वादा पूरा न करने के आरोप लगते रहे हैं. इससे पहले युवा निशानेबाज मनु भाकर ने भी राज्य सरकार पर ऐसा ही आरोप लगाया था.




