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रामायण के राम ने खाया दलित महिला के हाथ का बना खाना, आदर सत्कार से महिलाओं ने उतारी आरती

मेरठ। मेरी झोपड़ी के भाग आज जाग जाएंगे, राम आएंगे’ यह पंक्ति उस समय सिद्ध हो गई जब दलित बस्ती में रामायण का किरदार निभाने वाले राम यानी अरुण गोविल पहुंचे।

दलित महिलाओं के हाथ का बना खाना खाया, अरुण गोविल का आदर-सत्कार करते हुए महिलाओं ने उनकी आरती भी उतारी।

मेरठ-हापुड़ लोकसभा सीट से भाजपा प्रत्याशी अरुण गोविल ब्रह्मपुरी शनिवार को शबरी के राम बनकर भगवतपुरा इलाके के वाल्मीकि क्षेत्र में पहुंचे। वाल्मीकि परिवार राम के स्वरूपी किरदार का दर्शन पाकर खुद को गौरवान्वित महसूस कर रहे थे। अरुण गोविल ने जमीन पर बैठकर भोजन किया और यह संदेश जनता को दिया कि उनके लिए सभी धर्म-जाति एक बराबर है, कोई ऊंचा-नीचा नहीं है।

भगवतपुरा में यह नीतू जाटव का घर है। दलित बाहुल्य क्षेत्र में अरुण गोविल आज अपने लिए वोट मांगने गए। इस दौरान उन्होंने नीतू के घर में भाजपा नेता के साथ मोजन किया। वहीं एक अन्य परिवार में चाय पी। भगवतपुरा के लोगों को जैसे ही पता चला कि अरुण गोविल प्रचार के लिए आ रहे हैं, तो वह उनके स्वागत के लिए आतुर हो गए।

इस दौरान स्थानीय लोगों ने उन पर पुष्प वर्षा की और महिलाओं ने आरती उतारी। रामायण में जैसे श्रीराम ने भेदभाव भूलकर शबरी के हाथ से बेर खाए थे, उसी तरह उन्होंने नीतू जाटव के हाथ का बना भोजन बड़े चाव के साथ खाया।

भोजन बनाने वाली नीतू का कहना है कि वह धन्य हो गईं कि उनके घर राम पधारे। अरुण गोविल ने यह साबित कर दिया कि सब जाति एक समान है, वह कोई भेदभाव नही करते हैं, इसलिए भाजपा प्रत्याशी अरुण गोविल को वाल्मीकि समाज का पूर्ण समर्थन है।

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