देश में H3N2 इन्फ्लुएंजा के कुल 90 और H1N1 के आठ मामले आये सामने |

देश में एक नए वायरस की वजह से लोगो की जाने जा रही है। कोरोना वायरस का खौफ अभी खत्म हुआ ही था की अब भारत में दो नए वायरस ने दस्तक दे दी है। इन वायरस का नाम H3N2 और H1N1 इन्फ्लूएंजा है। देश में अब तक H3N2 इन्फ्लुएंजा के कुल 90 मामले और H1N1 के आठ मामले सामने आ चुके है। H3N2 इन्फ्लूएंजा की वजह से देश में अब तक दो लोगों की जाने जा चुकी है। अब तक इस वायरसों के मरीज देश के दो राज्यों कर्नाटक और हरियाणा में ही मिले है।
देश में लगातार खासी जुकाम के बढ़ते मामलो को देखते हुए इंडियन मेडिकल एसोसिएशन ने देश भर में एंटीबायोटिक दवाओं के अत्यधिक उपयोग को लेकर लोगो को आगाह किया । आईएमए ने इस वेरिएंट से संक्रमित लोगो को इसके लक्षण बताते हुए कहा कि आमतौर पर मौसमी बुखार कुछ ही दिनों तक रहता है मगर इस बार पांच से सात दिनों तक रहेगा। आईएमए की एक स्थायी समिति ने भी कहा कि बुखार तीन दिन में खत्म हो जाएगा, लेकिन खांसी तीन हफ्ते तक बरकरार रह सकती है।स्वास्थ्य मंत्री के सुधाकर ने 6 मार्च को कहा कि राज्य में 26 लोगों के एच3एन2 टेस्ट पॉजिटिव आए हैं और इनमें से दो मामले बेंगलुरु से हैं। उन्होंने बताया कि 15 साल से कम उम्र के बच्चों को और 60साल से ऊपर के लोगों को H3N2 वेरिएंट से ज्यादा खतरा है।
लोगो को अस्वासन देते हुए कर्नाटक के स्वास्थ्य मंत्री के सुधाकर ने कहा था कि राज्य में इन्फ्लुएंजा H3N2 वेरिएंट वायरस के संक्रमण से घबराने की कोई जरूरत नहीं है। उन्होंने यह भी बताया कि लोगों को सावधानी बरतने के लिए जल्द ही दिशा-निर्देश जारी किए जाएंगे और सभी अस्पतालों के स्वास्थ्य कर्मचारियों को अनिवार्य रूप से फेस मास्क पहनने का निर्देश दिए जायेंगे । सुधाकर ने 6 मार्च को कहा था कि राज्य में 26 लोगों के एच3एन2 टेस्ट पॉजिटिव आए हैं और इनमें से दो मामले बेंगलुरु से हैं। उन्होंने बताया कि इस वायरस से 15 साल से कम उम्र के बच्चों को से ज्यादा खतरा है। इस वेरिएंट 60 साल से ऊपर के लोग भी संक्रमित हो रहे है।
मार्च महीने में H3N2 वेरिएंट के ज्यादा मरीज मिलने के वजह से अस्पतालों में मरीजो की संख्या बाढ़ गई है। इस वेरिएंट से संक्रमित व्यक्ति में सर्दी, जुकाम, खासी और स्वास लेने में तकलीफ जैसे लक्षण दिखाई दे रहे है। इस वेरिएंट से संक्रमित होने का एक बड़ा करक ‘वायु प्रदूषण’ को भी बताया जा रहा है। इस वेरिएंट से बचने के लिए COVID गाइड लिंक्स की तरह की राज्य सर्कार द्वारा गाइड लाइन्स जरी की जायेगी। वायरस के संक्रमण से बचने के लिए चिकित्सा संघ ने भीड़-भाड़ वाली जगहों में जाने से बचने, अच्छे से हाथो की सफाई और शरीर की स्वच्छता के साथ-साथ फ्लू के टीकाकरण की सलाह दी है। इस वायरस के बढ़ने का कारण कही न कही जलवायु परिवर्तन को बताया जा रहा है।




