राजस्थान की सांभर झील में एकसाथ 10000 से ज्यादा पक्षियों की मौत, कारण अज्ञात
राजस्थान की सबसे चर्चित सांभर झील में देशी और विदेशी पक्षियों की मौत का सिलसिला थमने का नाम ही नहीं ले रहा है। यहां 5 दिन में 10 हजार से ज्यादा पक्षियों की मौत के बाद अब केंद्र सरकार ने सांभर झील में टीम भेजी है।
सांभर झील में इस तरह से अचानक पक्षियों की मौत का मामला किसी की समझ में नहीं आ रहा है. इसके चलते मामले की जांच के लिए अब बरेली और देहरादून में सैंपल भेजे गए हैं। आपको बता दें कि राजस्थान की सांभर झील दुनियाभर में अपनी खूबसूरती के लिए मशहूर है. 90 स्क्वायर किलोमीटर में फैली इस विशाल झील में हर वक्त 30 हजार से ज्यादा पक्षियों की चहक गूंजती रहती थी, लेकिन पिछले 5 दिनों से यहां सन्नाटा है।
अंग्रेजों ने देश में सबसे पहले इसी झील से नमक बनाई थी और आज भी लोग सांभर झील का नमक खाना पसंद करते हैं. मगर यह नमक हजारों देशी और विदेशी पक्षियों के लिए जहर बन गया है।
पिछले 5 दिन से यह सांभर झील पक्षियों के लिए कब्रगाह बना हुआ है. जहां देखो वहां रेत पर पक्षियों के मरने के अवशेष दिख रहे हैं। इस मामले को लेकर राजस्थान सरकार की नींद दो दिन पहले ही खुली, जिसके बाद रेस्क्यू टीम तड़प रहे पक्षियों को झील से निकालकर रेस्क्यू सेंटर में भेजने का काम कर रही है. साथ ही मरे हुए पक्षियों को दफन किया जा रहा है, ताकि इनसे संक्रमण और न फैले।
सांभर झील में पानी और दलदल की वजह से एसडीआरएफ की टीम को पक्षियों के शव तलाशने के काम में लगाया गया है. सरकारी आंकड़ों के मुताबिक अब तक 9000 से ज्यादा पक्षी दम तोड़ चुके है और करीब 400 पक्षियों को घायल अवस्था में रेस्क्यू सेंटर में रखा गया है।
मरने वाले कई पक्षी तो 5000 किलोमीटर की उड़ान भरकर अपने पसंदीदा सांभर झील पहुंचे थे. मरने वाले पक्षियों में सबसे ज्यादा 3200 नार्दन सावलर हैं. इसके अलावा 2600 केंटिश प्लोवर, 1000 रफ, 600 को-मनकोट ब्लैकविंग और 600 ब्लैक विंग स्टील्ट रिंग पक्षी हैं
यह सरकारी आंकड़ा है लेकिन रेस्क्यू के काम में लगे लोगों का कहना है कि यहां पर 15 हजार से ज्यादा पक्षी दम तोड़ चुके हैं। कई लैब में इनकी मौत की वजह की जांच की गई है, लेकिन अभी तक कारणों का पता नही चल पाया है कि आखिर पक्षियों के मौत का कारण क्या है? राजस्थान सरकार के वन और पर्यावरण मंत्री सुखराम विश्नोई भी मौके पर पहुंचे, मगर अभी तक इस समस्या का हल नहीं निकल पाया है।
राजस्थान हाईकोर्ट ने भी पक्षियों की मौत पर राज्य सरकार से रिपोर्ट मांगी है और केंद्र सरकार ने विशेषज्ञों की टीम सांभर झील भेजी है। विशेषज्ञों का मानना है कि नमक में आद्रता ज्यादा होने की वजह से मौत हुई है, तो कुछ इसे बोटूलिज्म का इन्फेक्शन बता रहे हैं।



