चुनाव आलेख – कौन है जो बिल्ली की गले मे घंटी बांधने का काम करेगा – cgtop36.com

डा. वाघ की वाल से आज अपनी बात पर पहले हम शिक्षा लेते है वही निम्न मध्यम वर्ग तो अपने शौक को एक बाजू कर अपने बच्चो को शिक्षा देने का प्रयास करता है । बाद मे उच्च शिक्षा के लिए लोन लेकर बच्चो को पढाता है । फिर वही युवा नौकरी के लिए अपनी चप्पल घसता हुआ नजर आता है । पर हम यह राष्ट्र का विकास किसके लिए कर रहे है । पहले पेट काटकर बच्चो को पढाओ लोन पटाओ फिर नौकरी पर इंनकम टैक्स पटाओ और जो टैक्स पटाओ उसकी चाबी फिर इन महान नेताओ के हाथ मे दे दो जिससे इस पैसे को दोनो हाथो से लूटा सके । यह अपने महत्वाकांक्षाओ मे इसे लूटाकर अपना राजनीतिक मकसद हासिल कर सके । फिर यह मध्यम वर्ग ही क्यो अपनी मगज मारी कर रहा है । यह राजनैतिक लोग ऐसे है जो घर बेचकर तीर्थ यात्रा करते है । एक समय ऐसा भी आएगा की आने वाले दिनो मे यह लोग अपने घोषणापत्र को पूरा करने के लिए देश को ही गिरवी रख अपने वादे को पूरा करते नजर आए तो कोई आश्चर्य नही । जो हालत आज श्री लंका पाकिस्तान की है कमोबेश यही हालत यहा भी देखने को मिले । जब पूरा ही संसाधन लुटाने का दृढ निश्चय किया हुआ है तो फिर हम डिफाल्टर होने की तरफ ही अपना कदम बढा रहे है । ऐसा ही चलते रहा तो हम आर्थिक रूप से इतने गुलाम हो जाऐंगे की इन सियासत दानो के सत्ता का हिस्सा बनने के लिए इतने प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष टैक्स देने पडेंगे की आपके पास कुछ ही नही रह जाएगा । वही आर्थिक गुलाम होने के बाद तो आपकी संपत्ति पर भी उस मालिक का हक रहेगा जिससे हमारे कर्णधारो ने अपने शौक को पूरा करने के लिया हमे भी गिरवी रख दिया । इस देश मे पहले आर्थिक घोटाला कर बिजनेसमैन लोगो की भागने की परंपरा रही है जो लौटकर फिर नही आते । फिर इस देश के सियासत दान पाक के आर्मी सैन्य अधिकारियो के समान पश्चिम देशो की नागरिकता लेते दिखे और वहां जाकर व्यापार करते हुए दिखे तो कोई आश्चर्य की बात नही । वैसे भी इस देश का बहुत बडा पैसा जैसे हर समय समाचार मे आते रहता है की यह स्विस बैंक मे जमा है । कोई भी सरकार आती है कोई भी इस पर काम नही करती है । जब इन राशियो मे लगे शून्य को देखो तो आंखे चकाचौंध हो जाती है । यह एक एक खाता आपको पांच साल तक खिलाने की कूबत रखता है । पर कौन है जो बिल्ली की गले मे घंटी बांधने का काम करेगा । सबसे बडे गर्व की बात यह है कमोबेश सभी दल के नेताओ के नाम शामिल है । यहां बिल्कुल समाजवादी ढंग से काम हुआ है । सब बिल्कुल भाईचारा व तालमेल रखकर चल रहे है । यह लोग बहुत सुरक्षित है पर आप और मै ऐसी राजनीतिक व्यवस्था मे बिल्कुल सुरक्षित नही है । एक बार हमारा समय निकल भी जाएगा पर इस मुफ्त की कीमत हमारी और आपकी औलादो को ही अदा करना होगा । यह सबको मालूम है दुर्भाग्य से कोई विरोध नही कर रहा है । हम भी जाने अनजाने मे इसका हिस्सा तो बन ही रहे है । जिन लोगो को यह संदेश पहुंच गया है की कर्ज माफ बिजली माफ घर बनकर मिलेगा पैसे एकाउंट मे आ जाऐंगे राशन फ्री मे मिलेगा फिर वह क्यो काम करने निकले । बैंक अपनी राशन दुकान अपनी बिजलीघर अपना कौन बेवकूफ होगा जो कामकर इस लोकतंत्र को अपमानित करने का काम करेगा । मेरे दोस्तो अगर देश बचाना है या अपने को ही बचाना है तो इनके खिलाफ आवाज बुलंद करनी होगी । आपकी निष्क्रियता का मतलब आपका मौन समर्थन माना जाएगा । कोई भी घर कोई भी व्यापार कभी भी फ्री मे ज्यादा दिन नही चल सकते । मै कोई अर्थशास्त्री नही हू पर मेरी आधार सोच समझ मुझे इसके खिलाफ लिखने के लिए कह रही है । पोस्ट अब आपके पास है ।
बस इतना ही
डा. चंद्रकांत रामचन्द्र वाघ




