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गरियाबंद – 18 लाख के बर्तन खरीदी घोटाला में अब तक जांच नही, अधिकारी साधे चुप्पी, थाने ने भी चोरी की रिपोर्ट नही की दर्ज

गरियाबंद :- छुरा बी. आर. सी .सी. के द्वारा 18 लाख के बर्तन खरीदी घोटाले का मामला आया सामने

गिरिश गुप्ता गरियाबंद:-इस मामले का खुलासा और जांच की मांग कांग्रेस नेता इंटक जिला अध्यक्ष शशांक चौबे ने किया है उनका बड़ा आरोप है कि वर्ष 2019 में विशेष आवासीय प्रशिक्षण केंद्र के नाम पर बी आर सीसी महेश राम साहू ने बड़ी सफाई से बर्तन खरीदी और चोरी होने की मनघडंत कहानी रचते हुए 18 लाख रुपए का हेराफेरी किया है।

मामले में चौबे ने जिलापंचायत में अपने लेटर पेड़ से लिखित शिकायत कर नौ बिन्दुओ पर जांच की मांग किया था जिस पर जिलापंचायत सी ई ओ संदीप अग्रवाल ने संज्ञान लेते हुए दिनाक 21 सितंबर को पत्र जारी कर जांच कमेटी अध्यक्ष एस डी एम छुरा , डी एम सी , बी ई ओ छुरा को जांच का जिम्मा सौंपा था। परन्तु 7 सप्ताह बीतने के बाद तक भी जांच तो दूर जांच की प्रक्रिया भी सुरु नही किया गया है जिसे जांच प्रक्रिया पर सवाल उठ रहे है। कही बी आर सीसी पर किसी बड़े अधिकारी का संरक्षण तो नही मिल गया,,,? वहीं जांच में हो रहे देरी के कारण सवाल उठना लाजिमी है और शिकायत कर्ता ने जांच में बिलम्ब के कारण ऊपर विभाग मंत्री और मुख्यमंत्री से शिकायत करने का ठान लिया है।

क्या बी आर सी सी ने रचा मनघडंत कहानी

18 लाख के बर्तन खरीदी मामले में बर्तन को खरीदने के बाद भवन से गायब होना बताया गया है वही इस बात पर सबसे बड़ा सवाल यह उठता है कि जब बर्तन चोरी हुआ है तो थाना द्वारा एफआईआर क्यों नहीं किया गया जबकि बीआरसीसी का कहना है कि मैंने लिखित में सूचना दिया था
सूचना मिलने के बाद अगर पुलिस द्वारा एफ आई आर दर्ज नहीं किया गया।

लिहाजा माना जा सकता है पुलिस के प्रारंभिक जांच में घटना की पुष्टि नहीं हुई होगी तभी एफआईआर दर्ज नही किया गया। सोचने वाली बात यह भी है की 18 लाख के बर्तन भारी तादाद में रहे होंगे कैसे उसे गायब किया जा सकता है इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि बीआरसीसी द्वारा यह मनगढ़ंत कहानी रची गई है

बर्तन के अलावा गाड़ी के नाम फर्जी बिल का मामला

बीआरसीसी साहब का एक और कारनामा उजागर हुआ है उन्होंने अपने ही निजी गाड़ी का कई बार शासकीय राशि निकालकर अपने पद का दुरुपयोग किया है निजी गाड़ी का फर्जी बिल साहू ट्रेवल्स के नाम से बनाकर राशि आहरण किया गया

क्या कहते है शिकायत कर्ता शशांक चौबे

18 लाख रुपए के घोटाले जैसे गंभीर मामलों पर समय पर जांच नहीं होना बहुत ही दुर्भाग्य जनक है इस बीआरसीसी के कार्यकाल में बहुत और भी बहुत सारे घोटाले हुए हैं जिनकी सच्चाई जांच में सामने आएगी मैने जांच प्रक्रिया तक बीआरसीसी को पद से हटाने की भी मांग किया था
परन्तु अब तक जांच न होने से मुझे लगता है कि मामले पर पर्दा डालने और दोषी को बचाने की कोशिश किया जा रहा है मैं इस मामले को अब विभागीय मंत्री और मुख्यमंत्री से शिकायत कर उचित जांच की मांग करूंगा दोषियों पर कार्यवाही जरूर होनी चाहिए।

सारा इल्जाम झूठा है महेश राम साहू

इस पूरे मामले में महेश राम साहू बीआरसीसी ने अपने ऊपर लगे इल्जाम को झूठा करार देते हुए कहा कि कुछ लोग मेरे ऑफिस में थे जो बाहरी लोगों के साथ मिलकर मेरे ऊपर लांछन लगा रहे हैं
बर्तन खरीदी मैंने किया था जो चोरी हो गया मैने थाना में सूचना दिया था
हां गाड़ी का बिल मैं निकाला हूं
अपने गाड़ी का बिल नही निकाल सकते इसके बारे में मुझे जानकारी नहीं थी

होगी जांच डीएमसी चंद्राकर

मामले में जांच के लिए आदेश जारी हुआ है हम भी जांच के सदस्य हैं परंतु जांच कमेटी के अध्यक्ष एसडीएम हैं तत्कालिक एसडीएम बदलने के बाद में एसडीएम ने प्रभार लिया है बहुत जल्द जांच की प्रक्रिया शुरू की जाएगी किसी भी प्रकार का पक्षपात नहीं किया जाएगा जो सच्चाई होगी वह जांच में सामने आ जाएगा दोषियों पर कार्रवाई होगी

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