सहमति से यौन संबंध बनाने की क्या होनी चाहिए उम्र, विधि आयोग ने मांगी सलाह, हो सकता है बड़ा बदलाव

यौन संबंध बनाने के लिए सहमति की उम्र के मुद्दे पर गौर कर रहे 22वें विधि आयोग ने हाल ही में महिला एवं बाल विकास मंत्रालय के अधिकारियों से मुलाकात की और इस विषय पर विवरण मांगा। सूत्रों के अनुसार यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण (पॉक्सो) अधिनियम का बीते वर्षों में किशोर-किशोरियों के बीच संबंध की प्रकृति निर्धारित करने में सहमति की भूमिका के साथ अक्सर टकराव हुआ है।
मिली जानकारी अनुसार विधि आयोग ने सरकार के साथ एक बैठक की और सहमति की उम्र के विषय पर कुछ सूचना मांगी। एक सरकारी पदाधिकारी ने कहा, ‘हम मुद्दे का निपटारा कर रहे हैं… हमने कुछ सूचना मुहैया करने के लिए उनके साथ एक बैठक की।’
पिछले साल, दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा था कि पॉक्सो अधिनियम का उद्देश्य बच्चों को यौन शोषण से बचाना है और इसका मतलब किशोर-किशोरियों के बीच सहमति से बनाये गये ‘रोमांटिक’ संबंधों को आपराधिक घोषित करना नहीं है। अदालत ने यह टिप्पणी एक किशोर को जमानत देते हुए की थी।




