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शीघ्रपतन और स्तंभन दोष वालों के लिए वरदान है ये एक्सरसाइज – cgtop36.com


खराब लाइफस्टाइल की वजह से कई पुरुष अपनी प्रजनन इंद्रियों पर ध्यान नहीं देते हैं. जिम जाने को ही एक्सरसाइज माना जा रहा है. शरीर को भारी भरकम बनाने के लिए युवा तरह-तरह के सप्लीमेंट्स ले रहे हैं. लेकिन अगर आपकी प्रजनन इंद्रियां मजबूत नहीं हैं तो भारी-भरकम शरीर बनाने का कोई फायदा नहीं हैं. आइए हम आपको बताते हैं एक ऐसी आसान एक्सरसाइज के बारे में जो ना केवल आपके प्राइवेट पार्ट को मजबूती करेगा बल्कि यौन क्रिया में भरपूर आनंद की प्राप्ति के लिए आपको तैयार करेगा.

शीघ्रपतन और स्तंभन दोष वालों के लिए वरदान है ये एक्सरसाइज
इस एक्सरसाइज को कीगल कहा जाता है. डॉक्‍टर अर्नाल्ड कीगल ने इस एक्‍सरसाइज की खोज की है. यह एक्सरसाइज उन पुरुषों के लिए बेहद मददगार है जिनका प्राइवेट पार्ट पूर्ण रूप से उत्थान को प्राप्त नहीं होता है. इसके अलावा शीघ्रपतन की समस्या वालों के लिए तो यह एक्सरसाइज वरदान से कम नहीं.

शीघ्रपतन और स्तंभन दोष वालों के लिए वरदान है ये एक्सरसाइज

कीगल एक्‍सरसाइज का संबंध जननेंद्रियों की मांसपेशियों को मजबूत करने से है. इन्हे पेल्विक मांसपेशियां कहते हैं. इसे करने से पेल्विक एरिया में रक्त का प्रवाह सुचारु रूप से होता है और मांसपेशियों को मजबूती मिलती है. जिससे इन मांसपेशियों में संवेदनशीलता बढ़ती है और पुरुष जल्दी उत्तेजित हो जाते हैं.

शीघ्रपतन और स्तंभन दोष वालों के लिए वरदान है ये एक्सरसाइज

पेशाब करते वक्त बीच में रोकने के लिए जिन मांसपेशियों का उपयोग आप करते हैं उन्हें ही पेल्विक मसल्स कहा जाता है. आइए जानते हैं कैसे करनी है यह एक्सरसाइज…

कीगल एक्सरसाइज को करने के लिए किसी विशेष आसन की जरूरत नहीं होती. काम करते वक्त, चलते वक्त, खड़े, बैठे, लेटे किसी भी मुद्रा में आप यह एक्सरसाइज कर सकते हैं.

इसे करने के लिए पेशाब करते वक्त बीच में रोकने वाली मांसपेशियों को भींचें. ठीक वैसे ही जैसे बीच में पेशाब करते वक्त रोकते हैं और रोके रखें. ऐसा 30-40 बार दिन में करें और ज्यादा से ज्यादा समय तक रोके रहने का अभ्यास करें. आपको महीने भर के अंदर चमत्कारिक फर्क दिखने लगेगा. कीगल एक्सरसाइज करते वक्त ध्यान रखें ये बातें.

कीगल एक्‍सरसाइज को भरे हुए ब्‍लैडर या मूत्राशय के दौरान न करें, क्‍योंकि ऐसा करना आपकी मांसपेशियों को कमजोर कर सकता है और ब्‍लैडर को अधूरा खाली कर देता है. जिससे आपको यूरीन मार्ग में संक्रमण हो सकता है.

कीगल एक्सरसाइज करने के दौरान सांस को ना रोकें और पेल्विक मसल्स के अलावा किसी और मांसपेशी को ना भींचें. खुद को रिलैक्स रखें. आगे जानें कितनी बार करनी चाहिए ये एक्सरसाइज… वैसे तो आपकी मर्जी पर निर्भर करता है लेकिन अगर दिन में तीन बार करें तो ज्यादा बेहतर होगा. ध्यान रखें कि जितना हो सके उतना ही करें. अति हर चीज की बुरी होती है.

ऐसा नहीं कि सिर्फ पुरुषों के लिए यह एक्सरसाइज है. जिन महिलाओं के प्राइवेट पार्ट में कसावट की कमी महसूस हो रही हो वे भी इस एक्सरसाइज को ऊपर बताए अनुसार कर सकती हैं. शिशु जन्म के बाद डॉक्टर महिलाओं को कीगल एक्सरसाइज करने की सलाह देते हैं. कीगल एक्सरसाइज के और भी महत्वपूर्ण फायदे हैं. कीगल एक्‍सरसाइज से पुरुषों के हिप्स की मांसपेशियां मजबूत होती हैं. जिससे पुरुष जल्दी डिस्चार्ज होने की समस्या बच सकते हैं, और देर तक संभोग का आनंद ले सकते हैं.

कीगल एक्‍सरसाइज आपके पेट को कम करने में मदद मिलती है. आप इस एक्‍सरसाइज को दिन में दो से तीन बार करेंगे तो इससे आपके पेट मांसपेशियों मजबूत होती है. गर्भवस्‍था या डिलिवरी के एकदम बाद महिलाओं में होने वाली मूत्र असंयम की समस्‍या से कीगल एक्‍सरसाइज की मदद से काबू पाया जा सकता है. यह श्रोणि की मांसपेशियों को मजबूत बनाती है, जिससे असंयम को रोकने में मदद मिलती है. इसके अलावा यह नार्मल डिलीवरी करवाने में भी मदद करती है. इसके अलावा बच्‍चा होने के बाद महिलाओं में सेक्‍स इच्‍छा कम होने के समस्‍या को फिर से जगाने में भी एक महत्‍वपूर्ण भूमिका निभाती है.

स्तंभन दोष की समस्‍या तब होती है जब लिंग को पर्याप्त मात्रा में रक्त की पूर्ति नहीं होती है. कीगल एक्‍सरसाइज पेल्विक क्षेत्र में रक्त के प्रवाह में सुधार करके इस समस्‍या से निपटने में आपकी मदद कर सकता है.



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