10 शादियां की शख्स ने तीन पत्नियां गई छोड़ फिर हो गया क़त्ल, मर्डर मिस्ट्री की जांच में पुलिस
उत्तर प्रदेश के बरेली में एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। यहां भोजीपुरा इलाके में 52 साल के एक अधेड़ की हत्या कर दी गई। जानकारों ने बताया कि मृतक ने 10 से अधिक बार शादी की थी। शख्स की हत्या अज्ञात लोगों ने की है। फिलहाल पुलिस ने मामला दर्ज कर हत्यारों की तलाश शुरू कर दी है।
मिली जानकारी के मुताबिक जगनलाल यादव नाम के एक किसान की करोड़ों रुपये की पैतृक संपत्ति विरासत में मिली थी। वह अपनी संपत्ति उसके साथ रह रहे 24 वर्षीय व्यक्ति के नाम पर ट्रांसफर करने वाला था। यह युवक जगनलाल का दत्तक पुत्र माना जाता था। सूत्रों की मानें तो जगनलाल के इस फैसले से उनके बड़े भाई को आपत्ति थी और वह नाखुश थे।
बता दें कि जगनलाल ने पहली शादी 90 के दशक की शुरुआत में हुई थी। उनकी पांच पत्नियों की कथित तौर पर बीमारी से मृत्यु हो गई थी। पांच पत्नियों के मरने के अलावा उसकी तीन पत्नियों ने उसे छोड़ दिया और दूसरे पुरुषों के साथ रहने लगीं। उसकी अभी दो पत्नियां हैं जो पश्चिम बंगाल की हैं। दोनों की उम्र 35 और 40 वर्ष की है।
पुलिस ने बताया कि दोनों पत्नियों का दावा है कि उन्हें जगनलाल के वैवाहिक जीवन की जानकारी नहीं थी। जगनलाल का शव खेत में मिला था। उसकी मफलर से गला दबाकर हत्या की गई थी। पुलिस को शक है कि जगनलाल की हत्या उसकी संपत्ति के कारण हुई है। भोजीपुरा एसएचओ मनो कुमार त्यागी ने बताया कि पुलिस ने हत्या की धारा के तहत एफआईआर दर्ज कर ली है। पोस्टमॉर्टम से पता चला है कि जगन की हत्या गला दबाकर की गई है। उसके सिर पर चोट के निशान भी मिले हैं, उससे पता चलता है कि पहले उसके सिर पर किसी भारी चीज से वार किया गया और उसके बाद मफलर से गला दबाया गया।
पुलिस को संदेह है कि वह अपनी संपत्ति के लिए मारा गया है। यह संपत्ति मुख्य सड़क के पास है और इसकी मार्केट में कीमत करोड़ों रुपये है। स्थानीय ग्रामीणों ने हमें बताया कि वह बार-बार शादी कर रहा था, लेकिन उसके कोई बच्चे नहीं थे। एक युवक उसके साथ रहता है। वह युवक उनकी एक पत्नी के पहले पति से पैदा हुआ था।
पुलिस को जांच में यह भी पता चला कि जगनलाल के पिता ने उन्हें कई बार शादी करने के बाद अपनी संपत्ति से अलग कर दिया था और अपने बड़े भाई के नाम से पूरी 70 बीघा ज़मीन के स्वामित्व को हस्तांतरित कर दिया था। हालांकि, उनके बड़े भाई ने 1999 में पारिवारिक विवाद को हल करते हुए पंचायत के आदेश पर 14 बीघा जमीन को जगनलाल को हस्तांतरित कर दिया था।




