आखिर क्या है गोल्डन ब्लड जो पूरी दुनिया सिर्फ 43 लोगों के पास है, जानें पूरी बात – cgtop36.com

कई लोगो ने हॉलीवुड मूवी गॉड ऑफ इजिप्ट देखी होगी उस मूवी में युद्ध के समय राजपरिवार के सदस्यों के अंदर से गोल्ड ब्लड निकलता था। पर यह गोल्ड ब्लड उस जैसा नही है इसका रंग लाल है, तो आइए जानते है क्यो है यह खास। गोल्डन ब्लड सुनकर ही किसी बेशकीमती चीज़ का अहसास होता है। यह ख़ून का दुर्लभ ग्रुप है जो दुनिया में बहुत कम लोगों का होता है, भले ही इस ब्लड ग्रुप वाले लोगों को आप ख़ास समझें मगर हक़ीकत यह है कि उनके लिए यह बात कई बार जानलेवा भी बन जाती है। जिस ब्लड ग्रुप को गोल्ड ब्लड कहा जाता है, उसका असली नाम आरएच नल (Rh null) है, Rh null क्या है और यह क्यों इतना क़ीमती समझा जाता है कि इसकी तुलना सोने से होती है? आख़िर इस ब्लड ग्रुप वाले लोगों को क्या ख़तरा होता है? हम जानते है कि जब भी ब्लड की बात होती है तो A, B, AB और O ग्रुप की सबसे ज्यादा चर्चा होती है। लेकिन, दुनिया में कुछ लोगों के खून में ऐसा खून, जो काफी यूनिक है, यह ब्लड इतना रेयर है कि पूरी दुनिया में सिर्फ 43 लोगों के पास ही यह खून है।
क्यो खास है यह:- आमतौर पर हम मानते हैं चार तरह के खून होते हैं, जिसमें A, B, AB और O शामिल है। इसके अलावा इन ब्लड ग्रुप में नेगेटिव और पॉजिटिव की अलग से पहचान होती है, डिस्कवरी डॉट कॉम की एक रिपोर्ट के अनुसार, Rhesus D एंटीजन के बाद पॉजिटिव और नेगेटिव के बारे में पता चलता है। इसे ही आरएच फैक्टर कहा जाता है, जैसे- पॉजिटिव ब्लड में आरएच फैक्टर यानी डी एंटीजन होता है। वैसे इंटरनेशनल सोसाएटी ऑफ ब्लड ट्रांसफ्यूशन ने 35 ब्लड ग्रुप के बारे में पता लगाया है। हालांकि, आमतौर पर एबीओ और डी सिस्टम से गणना की जाती है, लेकिन एक ब्लड ग्रुप होता है, जिसे तो Rh फैक्टर होता ही नहीं है, जिसे RH-null ब्लड कहा जाता है। इस खास ब्लड में एंटीजन की काफी कमी होती है और बताया जाता है कि इसमें 61 संभावित एंटीजन की कमी होती है। इस वजह से ही गोल्डन ब्लड कहा जाता है, यह ब्लड ग्रुप इतना दुर्लभ है कि पृथ्वी पर सिर्फ 43 लोगों को शरीर में यह खून है और इनमें सिर्फ एक्टिव डोनर हैं।
गोल्डन ब्लड ग्रुप वाले को एनीमिया का अधिक खतरा:- यूएस रेयर डिसीज इंफॉर्मेशन सेंटर के अनुसार, गोल्डन ब्लड ग्रुप वाले को एनीमिया का खतरा अधिक होता है। ऐसे में इन्हें अपने सेहत पर विशेष ध्यान देने की जरूरत होती है। चिकित्सक उन्हें खान-पान पर विशेष जोर देने को कहते हैं। खासकर आयरन वाली चीजें ज्यादा खाने को कहते हैं। एनीमिया एक खून की बीमारी ही है। शरीर में खून की कमी होने की वजह से एनीमिया की बीमारी होती है। हालांकि, बताया जाता है कि यह ब्लड ग्रुप हर किसी को भी नहीं चढ़ाया जा सकता और रेयर होने की वजह से यह सिर्फ गोल्डन ब्लड वाले लोगों के काम आ सकता है, साथ ही इसे अन्य ब्लड ग्रुप में चेंज नहीं किया जा सकता है।
इसलिए सहेजा जाता है गोल्डन ब्लड:- जैसा कि हमने बताया कि यह खास ब्लड सिर्फ 43 लोगों में पाया गया है तो स्वाभाविक है कि उनका डोनर ढूंढना भी मुश्किल है। साथ ही यह खून ऐसा है कि इंटरनेशनल लेवल पर ट्रांसपोर्ट करना भी मुश्किल है। इसलिए इस खून के साथ जीने वाले लोग समय-समय पर अपने खून का दान करते रहते हैं, ताकि वह ब्लड बैंक में जमा रहे। इसे किसी और को नहीं दिया जाता, जरूरत पड़ने पर उन्हें खुद ही यह खून दिया जाता है।



