मनी लॉन्ड्रिंग और भ्रष्टाचार के आरोपों में गिरफ्तार बर्खास्त आईएएस बाबूलाल अग्रवाल की दिवाली जेल में ही बीतेगी। प्रवर्तन निदेशालय के अफसरों ने गुरुवार को रायपुर की बेनामी संपत्ति संव्यवहार प्रतिषेध अधिनियम के लिये बनी विशेष अदालत में अग्रवाल को पेश किया। अफसरों ने अदालत से दो दिन की रिमांड मांगी, लेकिन अदालत ने रिमांड अवधि बढ़ाने से मना कर दिया।
यह भी पढ़ें – गादीरास को मिला तहसील का दर्जा…सौगात मिलने पर सुकमा जिले के ग्रामीणों ने जताया आभार
हालांकि, बाबूलाल अग्रवाल की जमानत की अर्जी को भी खारिज करते हुए 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेजने का आदेश दिया। उसके बाद अधिकारी उन्हें जेल ले गए। अग्रवाल को श्वष्ठ अधिकारियों ने मनी लॉन्ड्रिंग और भ्रष्टाचार के पुराने मामले में सोमवार शाम को उनके देवेंद्र नगर स्थित निवास से गिरफ्तार किया था।
यह भी पढ़ें – बड़ी खबर – पर्यटन मंडल के महाप्रबंधक संजय सिंह निलंबित
बाबूलाल अग्रवाल की ओर से उच्च न्यायालय में जमानत की अर्जी लगाई जा रही है। लेकिन, ऐसा सोमवार को ही हो पाएगा। तब तक उन्हें जेल में ही रहना होगा। एक दिन पहले प्रवर्तन निदेशालय (श्वष्ठ) ने एक बयान जारी कर कहा था, एजेंसी भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत दर्ज स्नढ्ढक्र के आधार पर इस मामले की जांच कर रही है। जांच में बाबूलाल अग्रवाल और उनके परिवार के दूसरे सदस्यों की बेहिसाब संपत्ति का खुलासा हुआ है। कहा गया, बाबूलाल अग्रवाल ने अपने आधिकारिक पद का दुरुपयोग कर करोड़ों रुपये की हेराफेरी की है।
यह भी पढ़ें –छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मण्डल की हाई स्कूल और हायर सेकेण्डरी परीक्षा आवेदन 15 दिसम्बर तक होंगे जमा
जांच से पता चला है कि बाबूलाल अग्रवाल ने विश्व बैंक सहायता प्राप्त मलेरिया नियंत्रण कार्यक्रम से संबंधित निविदा अनुबंधों का बंटवारा कर कुछ गैर-मौजूदा संस्थाओं को देने के लिए एक सक्रिय भूमिका निभाई है। इससे सरकारी खजाने को नुकसान हुआ और खुद को लाभ पहुंचाया।
400 बेनामी खातों में करोड़ों की रकम –
जांच में सामने आया है कि बाबूलाल अग्रवाल के ष्ट्र सुनील अग्रवाल और उनके भाई अशोक अग्रवाल और पवन अग्रवाल के साथ मिलकर खरोरा और इसके आसपास के गांवों में ग्रामीणों के नाम पर 400 से अधिक बैंक खाते खोले गए। इनमें लगभग 46 करोड़ रुपए जमा किए गए। जिसे उनके सीए सुनील अग्रवाल और अन्य संस्थाओं द्वारा खोली गई शेल कंपनियों के माध्यम से लूटा गया।




