अनुराग ठाकुर बोले भारत को एशियन गेम्स में आज तक के सबसे ज्यादा मेडल जीतने की उम्मीद, जानें शुरु से अब तक कितने मेडल जीते भारत ने

1951 में उद्घाटन संस्करण के बाद से भारत ने एशियाई खेल में अब तक 672 पदक जीते हैं। भारत ने जकार्ता में आयोजित हुए 2018 एशियाई खेल में शानदार प्रदर्शन किया था।
चार साल में एक बार आयोजित होने वाले इस मल्टी स्पोर्ट्स इवेंट के सभी संस्करणों में भाग लेने वाले भारत ने एशियाई खेल की स्थापना में भी अभिन्न भूमिका निभाई है। इस इवेंट का उद्घाटन संस्करण नई दिल्ली में आयोजित किया गया था।
भारत ने 1951 के एशियाई खेल में 51 पदक जीते थे, जिसमें 15 स्वर्ण, 16 रजत और 20 कांस्य पदक शामिल था। एशियन गेम्स पदक तालिका में भारत से आगे सिर्फ जापान था, जिसने 60 पदक पदक जीतकर पहला स्थान हासिल किया था।
तैराक सचिन नाग ने 1951 में नई दिल्ली में 100 मीटर फ्रीस्टाइल स्पर्धा जीती और एशियन गेम्स में भारत को पहला स्वर्ण पदक दिलाया।
उसी साल रोशन मिस्त्री एशियाई खेल में पदक जीतने वाली पहली भारतीय महिला बनीं, जब उन्होंने 1951 के एशियन गेम्स में 100 मीटर स्प्रिंट में रजत पदक जीता।
तब से भारत ने एशियाई खेल में 155 स्वर्ण, 201 रजत और 316 कांस्य सहित 672 पदक जीते हैं।
भारत अब तक हर संस्करण में स्वर्ण पदक के साथ लौटा है और इन खेलों में पांचवां सबसे सफल देश है।
भारत के ट्रैक एंड फील्ड सितारों ने 18 संस्करणों में 254 पदक हासिल किया है।
स्प्रिंट लीजेंड मिल्खा सिंह, भारतीय एथलेटिक्स में सबसे बड़ा नाम हैं, जिन्होंने 1958 के एशियन गेम्स में 200 मीटर और 400 मीटर का स्वर्ण जीता और इसके बाद जकार्ता में 1962 के संस्करण में दो और स्वर्ण (400 मीटर और 4 x 400 मीटर रिले) जीते।
इसके बाद पीटी उषा ने एशियाई खेल में भारतीय एथलीटों के ट्रैक एंड फील्ड में गोल्डेन परंपरा को आगे बढ़ाया।
‘पय्योली एक्सप्रेस’ के नाम से जाने जाने वाली पीटी उषा ने 1986 के एशियाई खेल में ट्रैक पर शानदार प्रदर्शन किया। उस साल भारत के जीते गए पांच में से चार स्वर्ण पदक जीते पीटी उषा ने दिलाए थे।
तीन बार की ओलंपियन पीटी उषा ने सियोल 1986 खेलों में चार स्पर्धाओं (200 मीटर, 400 मीटर, 400 मीटर हर्डल रेस और 4 x 400 मीटर रिले) में भाग लेकर एशियन गेम्स में रिकॉर्ड बना दिया।
पीटी उषा ने एशियाई खेल में सबसे सफल भारतीय एथलीट के रूप में अपने शानदार करियर का अंत 11 पदक – चार स्वर्ण और सात रजत के साथ किया।
जकार्ता में आयोजित हुए एशियन गेम्स 2018 में भारत ने पदकों की लिहाज से सर्वश्रेष्ठ किया और रिकॉर्ड 70 पदक जीते। जहां एक बार फिर से एथलेटिक्स सबसे सफल खेल रहा, जहां भारत ने 20 पदक जीते थे।
एशियन गेम्स 2018 में नीरज चोपड़ा जेवलिन थ्रो में स्वर्ण पदक जीतने वाले पहले भारतीय बने, जबकि दुती चंद ने 1982 में पीटी उषा के रजत के बाद महिलाओं की 100 मीटर में भारत को पहला पदक दिलाया।
हिमा दास यहीं नहीं रुकीं और उन्होंने पिछले खेलों में तीन पदक जीते। वूमेंस और मिक्स्ड 4 x 400 मीटर में स्वर्ण जीता, तो 400 मीटर में रजत पदक अपने नाम किया।
वहीं एथलेटिक्स के अलावा, पहलवानों, मुक्केबाजों और, हाल ही में, निशानेबाजों ने एशियाई खेलों में भारत की पदक संख्या को बढ़ाने में अपना महत्वपूर्ण योगदान दिया है।
पहलवान बजरंग पूनिया और विनेश फोगाट, मुक्केबाज मैरी कॉम और विजेंदर सिंह और निशानेबाज अभिनव बिंद्रा और जसपाल राणा जैसे भारतीय एथलीट भी एशियन खेलों में तिरंगा लहरा चुके हैं।
हालांकि, भारत कबड्डी में सबसे प्रभावशाली रहा है, 1990 में इस खेल की शुरुआत के बाद से आठ संस्करणों में से सात में गोल्ड भारत के नाम दर्ज है। जकार्ता में आयोजित हुए एशियाई खेल 2018 में ईरान ने गोल्ड मेडल जीत था।
मैं कह सकता हूं कि इस बार भारत को एशियन गेम्स में आज तक के सबसे ज्यादा मेडल जीतने की उम्मीद है। हमें अपने खिलाड़ियों से बहुत उम्मीद है और उन्होंने बहुत दम भी लगाया है: ‘खेलो इंडिया दस का दम’ के उद्घाटन समारोह में केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर, दिल्ली
— ANI_HindiNews (@AHindinews) March 10, 2023
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