मेडिकल कालेज अस्पताल अम्बिकापुर की व्यवस्था अब सुधारेगी महाराष्ट्र की डाक्टर फ़ॉर यू संस्था, होगा एमओयू

सोनु केदार – अम्बिकापुर के मेडिकल कालेज अस्पताल की व्यवस्था अब महाराष्ट्र की डाक्टर फ़ॉर यू संस्था सुधारेगी जी हां अम्बिकापुर मेडिकल कालेज अस्पताल में आईसीयु समेत तमाम महत्वपूर्ण व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने के लिए प्रबंधन एक संस्था से एमओयू करने जा रही है जिसके तहत अस्पताल में करीब 3 महीने रहकर 30 विशेषज्ञ डॉक्टर व नर्सिंग स्टाफ की टीम मेडिकल कालेज अस्पताल के डॉक्टर व नर्सिंग स्टाफ को प्रशिक्षित भी करेगी। मेडिकल कालेज प्रबंधन भी मान रहा है कि इस पहल से निश्चित रूप से न सिर्फ स्वास्थ सुविधाओ में इजाफा होगा बल्कि इसका फायदा यहां पहुचने वाले लोगो को मिल सकेगा।
दरअसल अम्बिकापुर मेडिकल कालेज अस्पताल सरगुजा संभाग के सबसे बड़ा अस्पताल है जहां न सिर्फ सरगुजा बल्कि, कोरिया, बलरामपुर, सूरजपुर, जशपुर समेत दूसरे प्रदेश के लोग भी इलाज कराने पहुचते है और यहां आइसीसयू के साथ साथ सिटी स्कैन, सोनोग्राफी समेत तमाम अत्याधुनिक सुविधाएं मौजुद है मगर स्टाफ के बेहतर तरीके से प्रशिक्षित नही होने के कारण कई बार इसका संचालन सही नही हो पाता।
यही कारण है कि मेडिकल कॉलेज अस्पताल प्रबंधन महाराष्ट्र की एक प्रशिक्षित और बेहद विशेषज्ञ नर्सिंग स्टाफ और डॉक्टरों की टीम डॉक्टर फॉर यू के साथ आर्मी यू करने जा रहा है जिसके तहत 3 महीने तक रहकर डॉक्टर और मेडिकल नर्सिंग स्टाफ मेडिकल कॉलेज में आईसीयू एसएनसीयू समेत तमाम महत्वपूर्ण विभागों को में लोगों को प्रशिक्षित करेंगे ताकि मौजूद संसाधनों का बेहतर तरीके से संचालन हो सके।
मेडिकल कॉलेज प्रबंधन का कहना है कि यह कंपनी एंजियो के साथ जुड़कर काम करती है जिसके 5 डॉक्टर ने मेडिकल कॉलेज अस्पताल में स्वेक्षा से काम करने की इच्छा जाहिर की है ये डॉक्टर दिल्ली,मुंबई समेत देश के अलग-अलग बड़े अस्पतालों में काम कर चुके हैं ऐसे में अगर उनकी सेवाएं कोविड कार्यकाल में मेडिकल कॉलेज अस्पताल को मिलती हैं तो इसका सीधा लाभ मेडिकल कॉलेज अस्पताल को मिलेगा बल्कि इससे मरीजों को भी लाभ होगा।
ऐसे में कहा जा सकता है कि अब खुद को बेहतर बनाने के लिए मेडिकल कॉलेज अस्पताल प्रबंधन डॉक्टर फ़ॉर यू संस्था की मदद लेने जा रहा है मेडिकल कॉलेज प्रबंधन ने इसके लिए शासन को प्रस्ताव भेजा है उम्मीद जताई जा रही है कि इस पर जल्द ही स्वीकृति मिल सकेगी।




