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Pune Shocker: पुणे के सिंहगढ़ डेंटल कॉलेज के विभाग अध्यक्ष ने की आत्महत्या, सुसाइड नोट में ‘काम के तनाव’ का जिक्र


प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credits: IANS)

Pune Shocker: महाराष्ट्र के पुणे स्थित सिंहगढ़ डेंटल कॉलेज एंड हॉस्पिटल के विभाग अध्यक्ष (HoD) राजू पाटिल ने शुक्रवार को अपने निवास पर फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली. शनिवार को पुलिस द्वारा साझा की गई जानकारी के अनुसार, पाटिल ने यह आत्मघाती कदम काम के अत्यधिक दबाव के कारण उठाया है. घटना के समय उनकी पत्नी घर पर नहीं थीं. उनके परिवार में पत्नी के अलावा दो बेटे हैं, जो क्रमश: सातवीं और चौथी कक्षा में पढ़ते हैं.

दोपहर में सामने आई घटना

पुलिस के मुताबिक, यह दुखद घटना शुक्रवार दोपहर करीब 12 बजे प्रकाश में आई, जब पाटिल की पत्नी घर वापस लौटीं. पति को घर में फंदा लगा देख उन्होंने तुरंत पुलिस को सूचित किया. सूचना मिलते ही पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और पंचनामा कर शव को कब्जे में ले लिया. इस घटना से वडगांव बुद्रुक इलाके और कॉलेज परिसर में शोक की लहर दौड़ गई है. यह भी पढ़े:  Pune Shocker: पुणे के पवना बांध में पिकनिक के दौरान बड़ा हादसा, 24 वर्षीय युवक की डूबने से मौत

सुसाइड नोट में पत्नी को बताया बेकसूर

तलाशी के दौरान पुलिस को घटनास्थल से एक सुसाइड नोट बरामद हुआ है. इस नोट में राजू पाटिल ने स्पष्ट रूप से ‘काम के तनाव’ (Work Stress) को अपनी मौत की वजह बताया है. उन्होंने अपनी पत्नी के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए लिखा कि उनकी मृत्यु के लिए उनकी पत्नी किसी भी तरह से जिम्मेदार नहीं है. पुलिस फिलहाल इस नोट की प्रामाणिकता की जांच कर रही है और परिवार के सदस्यों से पूछताछ कर रही है.

कॉलेज में संभाल रहे थे महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां

राजू पाटिल कई वर्षों से सिंहगढ़ डेंटल कॉलेज एंड हॉस्पिटल में विभाग अध्यक्ष के पद पर कार्यरत थे. उन पर शैक्षणिक कार्यों के साथ-साथ कॉलेज की महत्वपूर्ण प्रशासनिक जिम्मेदारियां भी थीं. बताया जा रहा है कि उनकी पत्नी भी उसी कॉलेज में कार्यरत हैं. सहकर्मियों के अनुसार, वे एक कर्तव्यनिष्ठ अधिकारी थे, लेकिन हाल के दिनों में काम के बोझ को लेकर चिंतित दिखाई दे रहे थे.

पुलिस जांच और मानसिक स्वास्थ्य पर चिंता

पुणे पुलिस अब इस बात की तहकीकात कर रही है कि क्या कार्यस्थल पर कोई विशिष्ट दबाव था या यह लंबे समय से चले आ रहे तनाव का परिणाम था. इस घटना ने एक बार फिर पेशेवर संस्थानों में उच्च पदों पर बैठे व्यक्तियों के मानसिक स्वास्थ्य और ‘वर्क-लाइफ बैलेंस’ पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और आगे की कानूनी कार्यवाही जारी है.




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