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Indora से रूठी बारिश, खेती हुई गर्क



Milevan. मीलवां। ब्लॉक इंदौरा के मंड क्षेत्र में बहुत कम बारिश होने के कारण किसान चिंतित है। मंड क्षेत्र में धान की फसल लगाने के लिए पर्याप्त मात्रा में पानी नहीं मिलने के कारण किसान एक बार फिर कुदरत की मार में फंस चुका है। एक तरफ कुदरत ने दस पंचायतों के क्षेत्र में वर्षा न कर अपना कहर जारी रखा है वहीं दूसरी तरफ शाहनहर विभाग की अरबों रुपए की परियोजना भी शून्य होकर सरकार पर सवालिया निशान उठा रही है। पिछले वर्ष आए फ्लड में अधिकांश शाहनहर घटिया निर्माण के कारण टूटकर बिखर चुकी है तथा करोड़ों रुपए खर्च कर भी विभाग किसानों तक पानी पहुंचाने में विफल रहा है तथा अरबों रुपए की परियोजना सिर्फ और सिर्फ मंड वासियों के लिए

कूड़े की टोकरी में पड़ी है।

मौजूदा शाहनहर विभाग के पास इसे चालू करने को फंड भी नहीं है। बरोटा, ठाकुरद्वारा, मलकाना, गगवाल, बसंतपुर, त्यौरा,रतनगढ़, उलेहडिय़ा, मीलवां, धमोता, मियानी, मंजवाह, मंड, सनोर, पराल गांवों के अधिकांश पानी के बोर सूख कर या तो बंद हो गए है या बहुत ही कम मात्रा में पानी दे रहे हैं। धान लगाना तो दूर की बात कई किसानों की तो पनीरी भी सूख चुकी है। मंड के किसानों में प्रेम कुमार, ज्योति प्रकाश, अनिल कुमार, सुनील कुमार, बलराज सिंह, अनूप कटोच, सुरिंद्र कुमार, सिद्धांत, प्रताप सिंह का कहना है की मंड में बारिश न होने से पानी का स्तर बहुत डाउन हो गया है जिस कारण पानी फसल के लिए पूरा नहीं हो पा रहा है जबकि शाहनहर खंडर में बदलकर झाडिय़ों से घिरकर जीरो हो चुकी है।



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