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कोरोना से बचने बार बार हाथ धोना, मास्क पहनना और सुरक्षित दूरी जरूरी बोले केंद्रीय मंत्री डॉ हर्षवर्धन

केन्द्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री डॉ. हर्ष वर्धन ने सुबह आजादपुर फल एवं सब्जी मंडी में बड़ी संख्या में लोगों को मास्क और साबुन वितरित किया। उन्होंने कोरोना से बचाव के बारे में लोगों को बहुमूल्य सलाह दी। लोगों ने मास्क और साबुन मिलने और बचाव के उपाय बताए जाने पर डॉ. हर्ष वर्धन को धन्यवाद दिया। इस कार्यक्रम का आयोजन भारतीय रेड क्रॉस सोसायटी और एपीएमसी आजादपुर के सहयोग से किया गया। इस कार्यक्रम में भारतीय जनता पार्टी केशव पुरम जिले के अध्यक्ष राजकुमार भाटिया भी उपस्थित रहे।

इस अवसर पर डॉ. हर्ष वर्धन ने कहा कि कोरोना केवल लोगों की लापरवाही के कारण फैल रहा है।
उन्होंने कहा कि कोरोना अपने आप किसी के पास नहीं पहुंचता बल्कि मास्क नहीं डालने, बार-बार हाथ नहीं धोने और आपस में सुरक्षित दूरी नहीं रखने के कारण लोगों को संक्रमित करता है। इससे बचाव के लिए कोरोना समुचित शिष्टाचार का पालन अनिवार्य है। इसका अर्थ है कि इंसान की लापरवाही और गैर-जिम्मेदाराना व्यवहार से कोरोना लोगों को संक्रमित करता है। डॉ. हर्ष वर्धन ने कहा कि मास्क पहनते हुए मुंह और नाक को ढक कर रखा जाना चाहिए। ऐसा नहीं होने से संक्रमण का खतरा बना रहता है। उन्होंने यह भी कहा कि अभिवादन के लिए केवल नमस्कार करें, हाथ मिलाना खतरा बन सकता है।

डॉ. हर्ष वर्धन ने कहा कि इस्तेमाल किए गए मास्क का निपटान यदि सही तरीके से नहीं किया गया तो भी संक्रमण की आशंका रहती है। उन्होंने लोगों को सलाह दी कि वे भीड़भाड़ वाले स्थानों में जाने से बचें और यदि जरूरी हो तो आपस में दो गज की दूरी अवश्य रखें।

उन्होंने कहा कि मास्क उतारने के बाद कोई भी व्यक्ति अपने हाथ से आंख और नाक को छूने से बचें। कोरोना से बचाव बहुत आसान है, लेकिन इसके लिए कोरोना समुचित व्यवहार का पालन करना जरूरी है। उन्होंने यह भी बताया कि खांसी और छींक आने पर अपने मुंह के आगे बाजू रखें, ताकि वायरस के कण फैले नहीं।

उन्होंने कहा कि इन आसान सावधानियों से कोरोना से बचाव संभव है। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे लापरवाही नहीं करें, अगर गफलत की तो खामियाज़ा भुगतना पड़ेगा। कोरोना से स्वयं को, अपने परिवार को और आसपास के लोगों को बचाने के लिए आसान उपायों का पालन करें। इसके अलावा मास्क नहीं पहनने वालों से भी मास्क का इस्तेमाल करने का आग्रह अवश्य करें। अपने परिवार में बच्चों, बुजुर्गों और बीमार सदस्यों का विशेष ध्यान रखें।

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