दशहरा 2020 – इन 10 बुराइयों को छोड़ने का लें संकल्प, ये अच्छाई अपनाएं
दशहरा 2020 में कब है – भारत के प्रमुख त्यौहारों में से एक विजयादशमी पर्व या दशहरा बेहद उल्लास के साथ मनाया जाता है. शारदीय नवरात्रि पर्व के समापन के बाद यह पर्व मनाया जाता है. इस साल यह पर्व 25 अक्टूबर को मनाया जाएगा. इस दिन भगवान श्रीराम ने अहंकारी रावण का वध किया था. इसके चलते इस पर्व के मौके पर बुराई रूपी रावण के पुतले का दहन किया जाता है. आइये जानते हैं दशहरा 2020 के शुभ मुहूर्त-
दशहरा 2020 का शुभ मुहूर्त
दशमी तिथि प्रारंभ – 25 अक्टूबर को सुबह 7.41 मिनट से
विजय मुहूर्त – दोपहर 01.55 मिनट से 02 .40 तक
अपराह्न पूजा मुहूर्त – 01.11 मिनट से 03.24 मिनट तक
दशमी तिथि समाप्त – 26 अक्टूबर को सुबह 8.59 मिनट तक रहेगी
इऩ बुराइयों को छोड़ें और अच्छाइयों को अपनाएं
बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक माने जाने वाले इस पर्व दौरान आइये हम भी इन 10 बुराइयों को छोड़ने और इन 10 अच्छाईयों को अपनाने का संकल्प लें.
इन 10 बुराइयों से हमें रहना होगा दूर-
क्रोध- यह मनुष्य का सबसे बड़ा शत्रु है. इससे केवल हानि ही होती है अतः इस पर नियंत्रण रखें।
तनाव- वर्तमान में व्यस्तता के चलते व्यक्ति तनाव ग्रस्त होता रहता है, इससे मन पर बुरा प्रभाव पड़ता है अतः इस पर नियंत्रण रखें
चुगली नहीं करें – अक्सर लोगों को किसी की बुराई या चुगली करने में आनंद मिलता है, लेकिन इसे अच्छा नहीं माना जाता है, इससे विवाद होने की आशंका होती है.
अपशब्द न कहें – कई लोग किसी से गलती होने पर अपशब्द (गाली) कहना शुरू कर देते हैं, लेकिन ऎसा नहीं करना चाहिए.
विवाद – किसी से कुछ गलत होने की स्थिति विवाद न करें, बल्कि शांत रहना चाहिए. नशापान से दूर रहें – नशे के चलते शरीर को बेहद नुकसान होने के साथ बीमार होने की स्थिति बेहद आर्थिक क्षति होती है, इसलिए नशापान बिल्कुल न करें.
बार-बार शिकायत न करें – कई लोगों की बात-बात पर शिकायत करने की आदत होती है, यह प्रवृत्ति ठीक नहीं है, इससे बचना चाहिए. दिखावा करने से बचें – कई बार लोग खुद को बड़ा साबित करने के लिए बेवजह दिखावा करते हैं, बेहतर यही है कि जिस पर परिस्थिति में आप हैं उसके आधार पर अपने आप को ढालें.
फिजूलखर्ची न करें – धन बेहद ही मेहनत से प्राप्त होता है, इसे संभाल कर रखना चाहिए और फिजूलखर्ची से बचना चाहिए.
किसी पर हाथ न उठाएं – कई बार गुस्सा या क्रोध आने पर कुछ लोग मारपीट करने लगते हैं, लेकिन यह ठीक नहीं है.
इन 10 अच्छाइयों को अपनाएं –
शांत रहें.
मधुर व्यवहार करें.
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प्रभु की आराधना करें.
प्राकृतिक संसाधनों की सुरक्षा करें.
जरूरतमदों की मदद करें.
सेवा कार्य में अपना योगदान दें.
सार्वजनिक संपत्ति की सुरक्षा करें.
बुजुर्गं, कमजोरों की मदद और सेवा करें.
स्वाध्याय करें.



