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Ashok Kharat Case: अशोक खरात मामले में पुलिस की पूछताछ में बड़ा खुलासा, पीड़िता से बार-बार रेप के बाद गर्भवती होने पर दी गर्भपात की गोली


Ashok Kharat Case:  महाराष्ट्र के नासिक में कथित आध्यात्मिक गुरु अशोक खरात की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं. एक दुष्कर्म और काला जादू मामले में न्यायिक हिरासत मिलने के ठीक एक दिन बाद, नासिक की एक अदालत ने खरात को एक अन्य दुष्कर्म मामले में 8 अप्रैल 2026 तक पुलिस हिरासत में भेज दिया है. विशेष जांच दल (SIT) ने अदालत में दलील दी कि आरोपी जांच में सहयोग नहीं कर रहा है, जिसके चलते उसकी हिरासत में पूछताछ जरूरी है.

SIT का खुलासा: गंभीर और चौंकाने वाले आरोप

अदालत में सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने आरोपी के खिलाफ बेहद संगीन आरोप पेश किए. जांच अधिकारी ने बताया कि खरात ने एक महिला के साथ बार-बार दुष्कर्म किया, जिससे वह गर्भवती हो गई. इसके बाद आरोपी ने कथित तौर पर महिला को गर्भपात की दवाएं दीं और उसे गर्भ गिराने के लिए मजबूर किया. पुलिस ने खरात को इस पूरे घटनाक्रम का ‘मास्टरमाइंड’ करार दिया है.  यह भी पढ़े:  Ashok Kharat Row: महाराष्ट्र में सियासी तूफान, एकनाथ शिंदे और ढोंगी खरात के बीच 17 बार फोन पर बातचीत का दावा, डिप्टी सीएम पर उठे सवाल

2020 से 2026 तक शोषण का सिलसिला

अभियोजन पक्ष के अनुसार, पीड़िता का फरवरी 2020 से मार्च 2026 के बीच लगातार यौन शोषण किया गया. आरोपी ने महिला को उसके बच्चों की जान का डर दिखाकर चुप रहने के लिए मजबूर किया था. यही नहीं, आरोपी ने पीड़िता और उसके रिश्तेदारों से उनके आधार कार्ड और पैन कार्ड जैसे निजी दस्तावेज भी जबरन हासिल किए थे. पुलिस अब इन दस्तावेजों को इकट्ठा करने के पीछे के असली मकसद की जांच कर रही है.

बचाव पक्ष की दलील और वीडियो लीक का मुद्दा

वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से हुई इस पेशी में बचाव पक्ष के वकील ने दावा किया कि अशोक खरात की छवि बिगाड़ने के लिए सोशल मीडिया पर जानबूझकर कुछ आपत्तिजनक वीडियो लीक किए जा रहे हैं. उन्होंने यह भी तर्क दिया कि मामले में समयसीमा स्पष्ट नहीं है और काला जादू अधिनियम की अनुपस्थिति में सहमति के बिना दुष्कर्म के आरोप साबित करना कठिन होगा. हालांकि, अदालत ने अपराध की गंभीरता को देखते हुए बचाव पक्ष की आपत्तियों को खारिज कर दिया.

नशीली दवाओं और पैटर्न की जांच

एसआईटी ने अदालत को बताया कि आरोपी ने पीड़िता को नशीले पदार्थ (Sedatives) भी दिए थे. पुलिस को संदेह है कि खरात ने कई अन्य महिलाओं के साथ भी इसी तरह का तरीका अपनाया है. पुलिस अब उन दवाओं के स्रोत का पता लगाने और उन व्यक्तियों की पहचान करने में जुटी है, जिन्होंने इस कृत्य में आरोपी की मदद की थी.

सुनवाई के दौरान आरोपी अशोक खरात हाथ जोड़कर खड़ा रहा और उसने अपने ऊपर लगे किसी भी आरोप पर कोई टिप्पणी नहीं की. पुलिस अब 8 अप्रैल तक आरोपी से गहन पूछताछ करेगी ताकि इस बड़े रैकेट की परतों को खोला जा सके.




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