
केनारा बैंक ने अपने ग्राहकों को जानकारी देते हुए कहा है कि 1 जुलाई 2021 से सिंडीकेट बैंक का आईएफएससी कोड बदलने जा रहा है। सिंडीकेट बैंक के सभी कस्टमर को अपने ब्रांच से अपडेटेडे आईएफसी कोड के विषय में जानकारी लेने के लिए कहा गया है। केनारा बैंक की तरफ से कहा गया है, ‘सिंडीकेट बैंक के विलय के बाद सभी ब्रांच के आईएफसी कोड में बदलाव किया गया है।’ बैंक ने ग्राहकों से कहा है कि नए आईएफसी कोड को अपडेट कर लें, नहीं तो 1 जुलाई से एनईएफटी,आरटीजीएस,आईएमपीएस जैसी सुविधाओं का लाभ नहीं मिलेगा।
केंद्र सरकार महामारी के कारण सोने के आभूषणों और कलाकृतियों की अनिवार्य हॉलमार्किंग की समय सीमा को अब 15 जून कर दिया है। कंज्यूमर अफेयर मिनिस्टर पीयूष गोयल की अध्यक्षता में हुई बैठक में इस संबंध में निर्णय लिया गया। पहले इसे 1 जून 2021 से लागू किए जाने की उम्मीद थी। बता दें कि व्यापारियों के संगठन कंफेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स और ज्वेलरी इंडस्ट्री जुड़े ट्रेडर्स ने सरकार से हॉलमार्किंग लागू होने की 1 जून 2021 की तारीख बढ़ाने की मांग की थी। मौजूदा हालात को देखते हुए सरकार ने उनकी ये मांग मान ली है।
itr की नई वेबसाइट
इनकम टैक्स रिटर्न को लेकर भी अगले महीने बहुत बड़ा बदलाव होने जा रहा है। 1 से 6 जून तक मौजूदा वेबसाइट www.incometaxindiaefilling.gov.in पर काम नहीं किया जा सकेगा। 7 जून को सरकार की तरफ से www.incometaxgov.in वेबसाइट लांच की जाएगी। पहले के मुकाबले नई वेबसाइट एडवांस होने के साथ-साथ यूजर फ्रेंडली भी होगी।
स्मॉल सेविंग स्कीम की ब्याज दरों में बदलाव
मार्च में पीपीएफ, एनएससी, सुकन्या समृद्धि योजना जैसी सरकारी स्कीम की ब्याज दरों में बदलाव किया गया था, लेकिन तब सरकार ने इसे गलती बताकर वापस ले लिया था। तब सरकार के फैसले को चुनाव से जोड़कर देखा गया था। 1 जून को इसमें भी बदलाव किया जा सकता है। हालांकि नई दरें 30 जून तक लागू हैं।
बैंक ऑफ बड़ौदा पेमेंट प्रोसेस
बैंक ऑफ बड़ौदा एक जून से चेक पेमेंट के नियमों में बड़ा बदलाव करने जा रहा है। बैंक अगले महीने की पहली तारीख से ‘पाॅजिटिव पे कन्फर्मेशन’ को लागू कर रहा है। हालांकि बैंक ने ग्राहकों को सहूलियत देते हुए कहा है कि 50 हजार से ऊपर के भुगतान पर ही ‘पाॅजिटिव पे कन्फर्मेशन’ का नियम लागू रहेगा। बैंक की वेबसाइट पर दी जानकारी के अनुसार अब आगे से चेक जारीकर्ता को लाभार्थियों की जानकारी पहले से देनी होगी। बैंक का मानना है कि इससे जहां एकतरफ कम समय लगेगा। वहीं, दूसरी तरफ चेक फ्राॅड से भी बचा जा सकेगा।



