उत्तर प्रदेशदेश विदेश

सहायक विकास अधिकारी ने फर्जी अंकपत्र लगाने वाले 11 अभ्यर्थियों के खिलाफ थाने कराईमें एफआईआर दर्ज, प्रशासन की कार्रवाई से फर्जीवाड़ा करने वालों में मची खलबली

नई दिल्ली. उत्तर प्रदेश सरकार की तरफ से हाल ही में ग्राम पंचायत सहायक के 58000 पदों पर भर्तियों की प्रक्रिया पूरी की गई हैं. चयनित अभ्यर्थियों को दिन का 200 रुपए और महीने का 6000 रुपए दिया जाएगा. लेकिन उससे पहले एक बड़ी खबर आ रही है. मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो अब ऐसे अभ्यर्थियों पर केस किया जाएगा, जिन्होंने फर्जी मार्कशीट लगाकर नौकरी हासिल की.
हिंदुस्तान हिंदी में प्रकाशिक एक खबर के मुताबिक मऊ सहायक विकास अधिकारी (पंचायत ) ने फर्जी अंकपत्र लगाने वाले 11 अभ्यर्थियों के खिलाफ संबंधित थानों में एफआईआर दर्ज कराई है. प्रशासन की इस कार्रवाई से फर्जीवाड़ा करने वालों में खलबली मची हुई है.
आपको बता दें कि जिले में ग्राम पंचायतों में पंचायत सहायक, एकाउंटेंट कम डाटा एंट्री ऑपरेटर के लिए ग्राम पंचायतों में आवेदन किया गया था. आवेदन में संलग्न अंकपत्रों की तहसील एवं जनपद स्तरीय समिति के निर्देश पर खंड शिक्षा अधिकारी के अधीन तैनात अध्यापकों द्वारा जांच करायी गई. इस दौरान 10 ग्राम पंचायतों में 11 अभ्यर्थियों के आवेदन में फर्जी अंकपत्र संलग्न मिले.
इनके खिलाफ हुई कार्रवाई
विकासखंड मोहम्मदाबाद के अंतर्गत मुनिता पुत्री कन्हैया राम, ग्राम पंचायत जमीन नरौनी नाज़नीन बानो शाहिद हाशमी ग्राम पंचायत करहा, अनीश यादव पुत्र राजेंद्र यादव ग्राम पंचायत बरडीहा, सोनम पुत्री राजू कुमार ग्राम पंचायत अलाउद्दीनपुर, विनीता चौहान पुत्री रमेश चौहान ग्राम पंचायत हाफिजपुर, विकासखंड बड़राव के अंतर्गत वर्गीश कुमार पुत्र हरीनाथ ग्राम पंचायत बोझी, प्रतिभा यादव पुत्र राधेश्याम यादव ग्राम पंचायत रामपुर चक जगरनाथ सोहड सहित 11 अभ्यर्थियों के खिलाफ कार्रवाई की गई है.

Related Articles

Back to top button