विशेष लेख – मसालेदार खबर के चलते महाराष्ट्र के छोटी सी बात बन रही बतंगड
मै हैरान हू महाराष्ट्र के छोटी सी बात को बतंगड बनाया जा रहा है । कुछ नहीं लोग उब चुके थे बस कुछ मसालेदार खबर के चलते सब हो गया । जब भ्रष्टाचार को राजनीतिक मान्यता और व्यवहार मान लिया गया है तो इस तरह की खबरें उनके स्टेटस को खराब करती है । लोकतंत्र मे जनता की चुनी सरकार है पांच साल के लिए पट्टा मिला हुआ है । वहीं गठबंधन की सरकार मे जिम्मेदारीयां और तय हो जाती है। हम लोग का वर्ग मिल बांटकर रहो इस आदर्श वाक्य के साथ चलते हैं। हम कुछ कमाते है तो अपने प्रिय मतदाताओं के लिए कमाते है । कौन बंदा होगा जो पांच साल मे तनख्वाह जो बनती है उसे मिलाने के बाद भी हम सिर्फ सेवा की खुजाल के चलते उससे ज्यादा खर्च करने के बाद हम यहां पहुचते है । आप मानें या न माने हम लोग बहुत प्रशिक्षित बंदे रहते है जो बगैर किसी प्रशिक्षण के आप लोगों को अपनी सेवाएं देते है । हमारा राजनीतिक जीवन एक खुली किताब है । हम आप लोगों के लिए बने है और आप लोगों की सेवा ही हमारा परम उद्देश्य रहता है । आप विश्वास करियेगा कि हम कोई भी काम करते है तो कभी भी हमारी संलिपतता दिखाना किसी भी जांच एजेंसियों के लिए एक चुनौती रहती है । हम लोग कोई भी काम कानून के तहत ही करते है । पर कर्मचारियों ने ही पदों को सादा और मलाईदार पद बनाया हुआ है वो हमारे संज्ञान मे भी नहीं है । हम नियमो के तहत काम करने वाले लोग है । कभी-कभी आदमी है हंसी ठिठोली मे कभी कुछ कह देते है तो कर्मचारियों को उसे गंभीरता से लेने की आवश्यकता नहीं है । जब कोई मांग मौखिक हो तो उसका कोई औचित्य तो नहीं रहता । अगर कोई विश्वास मे प्रेम के खातिर पूरा कर दे तो यह जिम्मेदारी हमारी कतई नहीं बनती । वो संबंधो और प्रेम की पवित्रता को ख्याल रखकर सामने वालो को उसका दुख न हो इसलिए कभी कभार हाथ बटा देते है । पर यह सब हम निजी संबंधों के चलते करते है जिसका शासकीय कोई महत्व नहीं बनता । बडा मुश्किल है अनैतिकता का आरोप लगा दिया जाता है अगर गलत है तो सामने वाले को विनम्रता से मना कर देना चाहिए । लिखित मे मांगना चाहिए यह सब शासकीय नियमों के तहत होता है । अगर हम किसी को कुएं मे कूदने को कहेंगे तो कोई थोडी कूद जाएगा । मासूम लोगों पर जब कोई आरोप लगता है तो उस दर्द को वही महसूस करता है। आप लोगों को बता दू पूरे देश में कुछ ही परिवार है जो प्रदेश व देश चलाने के लिए परिवार क्या वंश तक समर्पित है। आरोपों का क्या लगते रहता और हम इसकी चिंता भी नहीं करते । आज बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव भ्रष्टाचार के आरोप मे अंदर है परिवार पर भी आरोप लगे है । पर हम जनता की अदालत को अपनी अदालत मानते हैं देखो आज यह लालटेन ही बिहार मे अलग जगाई हुई है । वहीं पडौसी राज्य उत्तर प्रदेश का पूर्व मुख्यमंत्री और पूरा कुनबा तनमनधन से प्रदेश की सेवा कर रहे है । उन पर भी घृणित आरोप लगाया गया पर भी जनता की सेवा से अपने को दूर नहीं किया । उन्होंने अपने तरफ से वैकसीनेशन की खिलाफत की लोगों को आगाह किया अपने पूरे राजनीतिक कर्तव्यो का निर्वहन किया । हमारे मे से एक नेता जिन पर भ्रष्टाचार का आरोप लगा इतिहास मे उनचालीस दिन संसद का काम ठपप रहा नेताजी बाहर थे आए जिस दल ने हंगामा खडा किया पूरे सम्मान के साथ उन्हे अपने दल मे शामिल कर लिया। अभी पश्चिम बंगाल में भी ऐसे ही कुछ समाचार आ रहे है । अभी भ्रष्टाचार के आरोप मे तामिलनाडु के पूर्व मुख्यमंत्री स्व. सु श्री जयललीता की सहेली शशिकला को भ्रष्टाचार के आरोप मे अंदर रखा गया था। जब जेल से छूटी तो लोगों का जन सैलाब उनके दीदार के झलक के लिए उमडा पड़ा था । कहा जाता है सबेरे लोग उनके दर्शन के लिए खडे थे । इतने लोग तो शहीद के अस्थियों को श्रद्धांजलि देने के लिए भी नहीं आते । उनसे राजनीति मे आने के लिए गुहार लगाई जा रही थी । यह जनता का प्रेम है । यही हाल सभी दलों के सभी राजनीतिक परिवार का है मेरे को वो ऐतिहासिक भाषण याद आ रहा है जिसमे कहा गया ” सत्ता राजनीति विष का वो प्याला है जिसे लोग अपने हलक मे लेकर नीलकंठ बनकर लोगों की सेवा के लिए समर्पित रहते है । ” इस देश में कभी भी भ्रष्टाचार नहीं रहा है न विषय रहा है । हम और हमारे साथी जितना हमसे बनता है तन मन और धन से जनता और देश के लिए समर्पित है और उन्ही के लिए बने है । मै इतना ही कह सकता हू कि देश ऐसी अफवाह पर ध्यान न दे कुछ दिनों में ही दूध का दूध पानी का पानी हो जाएगा । क्या आप लोग किसी भ्रष्टाचारी को चुन सकते है यह आरोप हमारे पर नहीं जिन लोगों ने चुना है उन पर लगाया जा रहा है । हमे आप पर विश्वास है आप ऐसा काम कतई नहीं करते और न करने देते है । आपका और हमारा संबंध दशको का है । यह इतने जल्दी थोड़ी टूट जाएगा । हम लोग पवित्र लोग है जैसे हमारे वस्त्र रहते है वैसे ही हमारा मन रहता है । बस इतना ही । क्या कहूँ देश प्रेमी है देश के लिए ही जज्बात निकलते है । भारत माता की जय वंदेमातरम जयहिन्द ।
डा. चंद्रकांत रामचन्द्र वाघ




