
रायपुर। राम वन गमन पथ के तहत प्रदेश में पर्यटन विभाग की तैयारी जोरों पर है। चंदखुरी स्थित माता कौशल्या मंदिर के भी सौंदर्यीकरण का कार्य जल्द समाप्त होने वाला है। मंदिर में भगवान श्रीराम की भव्य प्रतिमा भी लगाई जाएगी। इसके लिए ओडिशा से आए 50 कलाकार छेनी से पत्थर तराशकर मूर्ति काे रूप दे रहे हैं। मुख्य कलाकार जगबंधु ने बताया, फरवरी से काम शुरू हुआ है।
हाथों से पत्थर तोड़कर आकार देने में समय लगता है और सावधानी से भी काम करना होता है। बिलासपुर से लाए गए बलुआ पत्थर से मूर्ति तैयार की जा रही है। उन्होंने बताया, पत्थर की खासियत है, जैसे-जैसे यह पुराना होगा, इसकी चमक बढ़ने लगती है। अंतिम फिनिसिंग होने से इसका आकर्षण और भी बढ़ जाएगा। कलाकार का कहना है, मूर्ति बनाने में 90 फीसदी काम हाथों से किया जा रहा है, 10 फीसदी केवल मशीन से हो रहा है। प्रतिदिन कलाकार 7 से 8 घंटे मूर्ति बनाने में समय दे रहे हैं।
पहले पत्थर से मूर्ति काे आकार देकर उसे जोड़ा जा रहा है। वर्तमान में लगभग आधी मूर्ति बनकर तैयार हो चुकी है, पीछे का हिस्सा बचा हुआ है। कलाकार ने मूर्ति की मजबूती पर भी विशेष ध्यान दिया है। मूर्ति में भगवान श्रीराम धनुष धारण किए नजर आएंगे। यह प्रदेश में श्रीराम जी की सबसे बड़ी मूर्ति होगी।



