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कोरोना के नए स्ट्रेन पर RT-PCR टेस्ट भी नाकाम! क्या है False Negative की असली वजह?

कोरोना वायरस पूरे देश में बड़ी ही तेजी से अपने पैर पसार रहा है। पहले के मुकाबले इस बर ये वायरस ज्यादा लोगों को संक्रमित कर रहा है। हर दिन कोरोना वायरस की चपेट में आने वाले मरीजों की संख्या पिछले दिनों के आंकड़ों को काफी पीछे छोड़ रहा है। ऐसे में लोगों के मन में इस वायरस को लेकर काफी डर बढ़ गया है, लेकिन इन सबके बीच अब इस वायरस को आरटी-पीसीआर टेस्ट के बाद भी पकड़ पाना आसान नहीं है। आप को बता दे की इस वायरस को लेकर लोगों की चिंता काफी बढ़ गई है। दरअसल, अगर आपको कोरोना वायरस के लक्षण दिख रहे हैं, तो सबसे पहले आपका आरटी-पीसीआर टेस्ट ही किया जाता है।

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मिली जानकारी के अनुसार आरटी-पीसीआर टेस्ट में भी कई लोगों की कोरोना टेस्ट रिपोर्ट निगेटिव आ रही है। जबकि ये लोग कोरोना पॉजिटिव हैं। यही नहीं, कुछ मामले तो ऐसे भी हैं, जिनमें दो-तीन बार कोरोना टेस्ट करवाया गया, लेकिन उनका टेस्ट निगेटिव ही आया। ऐसे में माना जा रहा है कि कोरोना वायरस में म्यूटेशन की वजह से आरटी-पीसीआर टेस्ट की रिपोर्ट निगेटिव आ रही है। ऐसे लोगों का खुलासा सीटी स्कैन के जरिए हुआ। जिन मरीजों की रिपोर्ट आरटी-पीसीआर टेस्ट में निगेटिव आई थी, उन मरीजों की सीटी स्कैन रिपोर्ट में लंग्स में हल्के रंगीन (ग्रे पैच) बने हुए थे। ये वही पैच हैं, जो सीथे तौर पर मरीज के कोरोना संक्रमित होने की पुष्टि करते हैं।

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वहीं, विशेषज्ञों का कहना है कि अब तक ये स्पष्ट नहीं हुआ है कि ये नए स्ट्रेन के कारण ही ऐसा हो रहा है। वे मानते हैं कि आरटी-पीसीआर टेस्ट पहले भी सौ प्रतिशत सटीक नहीं थे। इस मामले को लेकर जब हमारी डॉक्टर अनिल डोंगरे से बातचीत हुई, तो उन्होंने बताया कि, कोरोना वायरस के अभी इतने म्यूटेंट वायरस हैं कि कई बार ये नाक व गले में वायरल लोड बहुत ज्यादा नहीं होता, जिसकी वजह से ये वायरस आरटी-पीसीआर टेस्ट में पकड़ नहीं आता।

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इसी वजह से देखा जा रहा है कि बहुत से मरीजों में खांसी, दर्द, कमजोरी और बुखार जैसे लक्षण होने के बाद भी उनकी कोरोना रिपोर्ट निगेटिव आ रही है। लेकिन ऐसी स्थिति में चेस्ट सीटी स्कैन करके ये पता लगाया जा सकता है कि मरीज कोरोना से संक्रमित है या फिर नहीं। हालांकि, विशेषज्ञ आरटी-पीसीआर टेस्ट को पूरी तरह से सही नहीं मानते हैं। ऐसे में अगर आपकी कोरोना रिपोर्ट निगेटिव आ रही है, और आपको कोविड-19 के लक्षण दिख रहे हैं तो आप 14 दिन तक खुद को आइसोलेशन में रख सकते हैं।

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