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राजनांदगांव – इस मांग को लेकर कलेक्ट्रेट कार्यालय परिसर में आत्मदाह करने की युवक ने की कोशिश, मचा हड़कंप

अपने घर तक आने-जाने के लिए 10 फीट के रास्ते की मांग करते हुए आज एक युवक ने कलेक्ट्रेट कार्यालय परिसर में आत्मदाह करने की नियत से स्वयं पर मिट्टी तेल डाल लिया।

राजनांदगांव शहर के रामनगर क्षेत्र निवासी कैलाश ननवटकर  अपने परिवार सहित आज कलेक्ट्रेट कार्यालय पहुंचा और अपने घर तक 10 फीट के रास्ते की मांग करते हुए उसने अपने ऊपर आत्मदाह करने की नियत से मिट्टी तेल डाल लिया। लगभग 1 वर्ष पूर्व इसी मामले को लेकर शिकायत के लिए कलेक्ट्रेट कार्यालय युवक पहुंचा था और समस्या का निराकरण नहीं होने पर आत्मदाह की चेतावनी दी थी।

आज वह अपने परिवार सहित कलेक्ट्रेट कार्यालय आत्मदाह करने पहुंचा था। इस दौरान शोर-शराबा सुनकर वहां तैनात पुलिसकर्मी मौके पर पहुंचे और अधिकारियों को मामले की सूचना दी। आत्मदाह करने का प्रयास करने वाले कैलाश का कहना है कि उसके घर के समीप निजामुद्दीन अंसारी की जमीन है जिसने 31 अक्टूबर वर्ष 2019 के पंचनामा के दौरान कहा था कि वह आने-जाने के लिए रास्ता देगा लेकिन अब वह रास्ता देने तैयार नहीं हो रहा है।

पूर्व में भी इस मामले को लेकर उसने व अन्य पड़ोसियों ने शिकायत की थी जिस पर मौके पर राजस्व और नगर निगम का अमला पहुंचा था तब रास्ते के लिए सहमति बन गई थी, लेकिन अब वह रास्ता देने तैयार नहीं है। इस वजह से आत्महत्या करने की मजबूरी हो गई है, वही कैलाश की पत्नी ने कहा कि अगर उन्हें 10 फीट का रास्ता घर तक आवागमन के लिए नहीं मिला तो वह अपने पति, ससुर व बच्चों के साथ आत्मदाह  कर लेंगी, वहीं रामनगर निवासी संगीता टेम्भूरकर ने कहा कि अभी उनके घर तक बमुश्किल आना जाना होता है, वहीं सड़क निर्माण का कार्य भी रुकवा दिया गया है।

 कलेक्टोरेट परिसर में मिट्टी तेल डालकर आत्महत्या करने पहुंचे युवक की पीड़ा सुनने एडिशनल कलेक्टर कृष्ण कुमार शर्मा कलेक्टर कार्यालय के बाहर निकले और उन्होंने युवक व अन्य लोगों को समझाइश दी। एडीशनल कलेक्टर ने कहा कि मिट्टी तेल लेकर आना सही बात नहीं है, जब भी कोई मकान बनाता है तो रास्ता जरूर देखता है, इन लोगों ने बिना रास्ता देखे मकान बना दिया होगा। उन्होंने कहा कि जो भी बाधा है वह भू-राजस्व संहिता की धारा 131 के तहत निराकृत किया जाएगा। एडिशनल कलेक्टर ने कहा कि डायवर्शन का नियम इसीलिए है ताकि सड़क नाली सहित सभी व्यवस्था सुनिश्चित की जा सके, इन लोगों ने बिना अनुमति के मकान बनाया होगा और यह समस्या उत्पन्न हुई होगी।

कैलाश ननवटकर और उसके  परिवार सहित अन्य पड़ोसी विगत 2 वर्षों से नगर निगम, राजस्व कार्यालय व कलेक्ट्रेट कार्यालय के चक्कर काट रहे हैं और अपने घर तक महज 10 फीट चौड़ी सड़क की मांग कर रहे हैं, लेकिन निजी भूमि होने की वजह से आवागमन के लिए रास्ता नहीं मिल पा रहा है, जिससे वहां निवासरत कुछ परिवार प्रभावित हो रहे हैं।

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