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Pong Lake किनारे खेती बंद करने को लेकर 14 पंचायतें उग्र



Jawali. जवाली। पौंग झील किनारे खाली पड़ी वन्य प्राणी विभाग की जमीन पर खेती बंद करवाने को लेकर 14 पंचायतों के लोग मुखर हो गए हैं तथा पंचायत प्रतिनिधियों सहित जनता ने झील किनारे खेती करने वालों के खिलाफ भी मोर्चा खोल दिया है। लोगों ने दोटूक कह दिया है कि अगर प्रदेश सरकार या सरकार के किसी नुमाइंदे ने खेती करवाने की कोशिश की तो उनके खिलाफ भी आंदोलन किया जाएगा। अगर सरकार ने झील किनारे खेती करवाई तो सरकार के खिलाफ कोर्ट का रास्ता अख्तियार किया जाएगा। इसी को लेकर सिद्धाथा क्षेत्र की दर्जनों पंचायतों के प्रतिनिधियों सहित जनता कृषि एवं पशुपालन मंत्री चंद्र कुमार के घर पहुंचकर झील किनारे

खेती बंद करवाने की पैरवी की।

इसके उपरांत समकेहड़ में पर्यावरण प्रेमी मिलखी राम शर्मा की अध्यक्षता में बैठक करके आगे की रणनीति बनाई। पर्यावरण प्रेमी मिलखी राम शर्मा ने इस लड़ाई को कोर्ट में लड़ा है, लेकिन तब वे अकेले थे, लेकिन आज हम सब इस लड़ाई में उनके साथ हैं। लोगों ने कहा कि झील किनारे खेती करना प्रतिबंधित है, लेकिन कोर्ट के आदेशों के बावजूद भी साधन संपन्न कुछ लोग खेती करके मोटी कमाई करते हैं। वहीं पूर्व प्रधान कर्ण सिंह, पूर्व बीडीसी सुदेश कुमारी, प्यारे लाल, उत्तम चंद, सुशील कुमार, सौरभ, सोम राज, मदन धीमान पूर्व प्रधान, संजय कुमार, मग्घर सिंह, बाछला देवी, निशा, रीना, वार्ड सदस्य, नीलम, सुमन, अनिता, सुलोचना, उषा, स्नेह लता, कुशला, माया, हंस, महिंद्र राकेश, भागराम, कुलभूषण सहित सैकड़ों लोगों ने पर्यावरण प्रेमी मिलखी राम शर्मा को आश्वासन दिलाया कि हम आपका साथ देंगे। उनके साथ कोर्ट जाने को भी तैयार हैं।



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