इंटरनेशनल ठग गिरोह का खुलासा, दुबई से होता था ऑपरेट, ऐसे बनाते थे शिकार

ग्वालियर। ग्वालियर क्राइम ब्रांच द्वारा इंटरनेशनल कॉल सेंटर ठग गिरोह खुलासा मामले में अब अमेरिका की जांच एजेंसी भी शामिल हो गई है। पुलिस की पड़ताल में ये पता चला है। यह गिरोह दुबई से ऑपरेट होता था। लेकिन ग्वालियर से कॉल सेंटर के जरिए ब्रिटेन, यूनाइटेड किंगडम और अमेरिकन लोगों को ठगी का शिकार बनाया जाता था। ऐसे में अमेरिकन नागरिकों का डाटा कैसे गिरोह तक पहुंचा। इस बात की जांच ग्वालियर पुलिस और अमेरिकन जांच एजेंसी मिलकर करेंगी। जिसके बाद अब अमेरिकी नागरिकों को ठगने के मामले में जांच करने अब अमेरिका के होमलैंड सुरक्षा विभाग की टीम जल्द ग्वालियर आएगी।
पुलिस अफसर ने USA दूतावास के जरिए अमेरिका के होमलैंड सुरक्षा विभाग के अधिकारियों से बात की है। अब USA के होमलैंड सुरक्षा विभाग की टीम से डाटा साझा किया जाएगा। क्योंकि जिस तरह अमेरिकी लोगों के मोबाइल नंबर नाम और अन्य डाटा गिरोह के पास था। वह डाटा कहां से आया इसे लेकर पड़ताल की जा रही है। पकड़े गए गिरोह के सदस्यों से पूछताछ में जो जानकारी निकाल कर सामने आई हैं। उसे भी अमेरिकी जांच एजेंसी से साझा किया जाएगा।
आपको बता दें कि माधव नगर स्थित होटल आशीर्वाद के कमरा नंबर 204 में पुलिस ने इंटरनेशनल कॉल सेंटर का सोमवार को पर्दाफाश किया था। यहां से एक युवती सहित सात ठगों को पुलिस ने गिरफ्तार किया था। यह सभी लोग अमेरिकी, ब्रिटेन और यूके के नागरिकों से बॉयज कन्वर्टर एप के जरिए बात करते थे। खुद को माइक्रोसॉफ्ट कंपनी का कर्मचारी बताकर लैपटॉप कंप्यूटर में वायरस का झांसा देकर ठगी करते थे। इसमें दुबई कनेक्शन भी सामने आया है। क्योंकि सरगना मोंटी सिकरवार दुबई में बैठकर ही ठगी का पूरा नेटवर्क ऑपरेट करता था। पुलिस अधिकारियों ने बताया है कि इस मामले में अब जल्द अमेरिका के होमलैंड सुरक्षा विभाग की टीम ग्वालियर आएगी।




