केंद्रीय कैबिनेट के इन फैसलों से कृषि क्षेत्र में ऐसे आएगा बदलाव, किसानों को मिलेगा यह
पीएम मोदी ने कैबिनेट के फैसलों की तारीफ करते हुए कहा कि इन निर्णयों से न केवल किसानों की आमदनी बढ़ेगी वरन जरूरी वस्तु अधिनियम में संशोधन से कृषि क्षेत्र में भी आमूलचूल बदलाव आएगा। कृषि उत्पादों की खरीद-बिक्री की बाधाएं दूर होने से एक देश एक बाजार का सपना साकार होगा। प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार के फैसलों से किसानों को उत्पादन से पहले ही मूल्य आश्वासन की गारंटी भी उपलब्ध होगी।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि कृषि सेवाओं के कॉन्ट्रैक्ट से न केवल किसानों को अत्याधुनिक जानकारी मिलेगी बल्कि उन्हें तकनीक और पूंजी की सहायता भी मिलेगी। इसके जरिए अन्नदाताओं का सशक्तिकरण और संरक्षण भी संभव होगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि आज की नए फैसलों में फसलों की खरीद-बिक्री को लेकर सभी बंदिशों को हटा दिया गया है। इससे किसानों की दशकों पुरानी मांग पूरी हुई है। अब अन्नदाता देश में कहीं भी अपनी उपज को बेचने के लिए स्वतंत्र होगा।
गौरतलब है कि पीएम मोदी की अध्यक्षता में हुई ताजा बैठक (Cabinet Meeting) में कई फैसलों को मंजूरी दी गई। इसमें जरूरी वस्तु अधिनियम और मंडी कानून में संशोधन किया गया है। नए फैसले से किसानों को किसी भी राज्य में फसल बेचने का रास्ता साफ हो गया है। प्याज, तेल, तिलहन और आलू को आवश्यक वस्तु अधिनियम से बाहर कर दिया गया है। पीएम मोदी ने इस फैसलों पर कहा है कि ग्रामीण भारत खासकर हमारे परिश्रमी किसानों पर सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। साथ ही लंबे समय से लंबित सुधार कृषि क्षेत्र में खुशहाली का मार्ग प्रशस्त करेंगे।
आपको बता दें कि केंद्रीय कैबिनेट की एक हफ्ते में यह दूसरी बैठक थी। इससे पहले सोमवार को भी बैठक हुई थी जिसमें MSME सेक्टर और किसानों को लेकर कुछ बड़े फैसले लिए गए थे। अर्थव्यवस्था पर कोरोना का असर कम करने के लिए सरकार ने पिछले महीने 20 लाख करोड़ रुपए के आत्मनिर्भर भारत पैकेज का ऐलान किया था। पिछली बैठक में MSME के लिए 20 हजार करोड़ रुपए के कर्ज की योजना को मंजूरी दी गई थी। साथ ही खरीफ की 14 फसलों का समर्थन मूल्य बढ़ाने का फैसला भी हुआ था।




