कल है विवाह पंचमी, भगवान राम और माता सीता का हुआ था विवाह

साल के कुछ दिनों को बहुत खास माना गया है. इनमें से कुछ दिन विवाह से जुड़े मामलों के लिए बेहद खास हैं. ऐसा ही एक दिन है विवाह पंचमी. विवाह पंचमी के दिन भगवान श्रीराम और माता सीता का विवाह हुआ था. इसलिए अगहन महीने के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को विवाह पंचमी कहा जाता है. इस दिन कुछ खास पूजा-उपाय करने से बहुत लाभ मिलता है और शादी से जुड़ी मनोकामनाएं पूरी होती हैं. …लेकिन शादी करना है अशुभ
भगवार राम और माता सीता के विवाहोत्सव के इस दिन को वैसे तो बहुत शुभ माना जाता है लेकिन कई जगहों पर इसे विवाह करने के लिए बेहद अशुभ माना गया है. इसके पीछे वजह है माता सीता का दुखद वैवाहिक जीवन. भगवान के साथ विवाह होने के बाद भी सीता जी को अपने दांपत्य जीवन में कई दुख उठाने पड़े थे इसलिए लोग इस दिन अपनी बेटियों का विवाह करने से बचते हैं. जल्दी शादी करने के लिए कारगर हैं ये उपाय वहीं इस दिन को अविवाहितों के लिए बहुत खास माना गया है. यदि अविवाहितों की शादी में देरी हो रही हो या जो लोग शादी के बाद सुखद दांपत्य जीवन का आनंद लेना चाहते हों, उन्हें इस दिन कुछ खास उपाय कर लेना चाहिए. इस साल विवाह पंचमी कल यानी कि 8 नवंबर को है.



