देश विदेश

आलेख- श्रीलंका के हालात बहुत बिगड़े हुए है, लोगो को अपने ही नेताओ पर नाराज़गी – cgtop36.com


आज डा.वाघ की वाल मे अपने पडोसी देश श्रीलंका के हालात पर बात होगी ।  श्रीलंका के हालात बहुत बिगड़ हुए है वहां के लोगो को अपने ही नेताओ पर नाराज़गी है । स्थिति कितनी भयावह व खराब है की लोग अपने निर्वाचित सांसद मेयर यहां तक प्रधानमंत्री के निजी आवास तक को लोगो के आक्रोश के कारण आग मे झोंमुक दिया ।  हालात यह है की लोग इस्तीफे के बाद भी अपने नेताओ से संतुष्ट नही है देश के इस स्थिति के लिए पूर्ण रूप से अपने सियासत दान को ही जिम्मेदार मान रहे है ।  भ्रष्ट नेता व फ्री के लॉलीपॉप ने लंका को दिवालियापन की कतार मे खडा कर दिया है । चीन जैसे देश को बंदरगाह देकर अब लंका भी पछता रहा है । इस आर्थिक मुश्किलों से कैसे निजात पाया जाए अवाम व सरकार दोनो भी  किंकर्तव्य मूढ की स्थिति मे है । कमोबेश यही स्थिति का निर्माण करने मे हमारे यहा की पार्टीया व नेता लगे हुए है । चुनाव आने पर तो फ्री का स्टाल ही लगाकर बैठ जाते है ।  फ्री की बोली तो ऐसे लगाई जाती है जैसे सभी इन्ही के पार्टी दफ्तर मे बनकर तैयार होता है । बिजली फ्री ऐसा लगता है मानो बिजली मुफ्त मे पैदा होती है । अभी हुए चुनाव मे फ्री की घोषणाओ के समय इनके नेता कहां से पैसा आएगा यह समझा रहे थे । जैसा दावा कर रहे थे देने के बाद भी एक बहुत बडी राशी इसके बाद भी बचेगी । जैसे ही चुनाव हुआ अपने घोषणाओ को पूरा करने के लिए प्रधानमंत्री के पास मदद मांगने के लिए पहुंच गये । जब घोषणा कर रहे थे तो प्रधानमंत्री से पूछा था । देखो अब यह लोग अपने घोषणापत्र को कैसे पूरा करते है ।  अपने घोषणापत्र को सबसे सरल तरीका कर्ज ले लो बाद वाला पटाता रहेगा यह उसका सिरदर्द जैसे पेट्रोल के बांड के समय हुआ था । पेट्रोल मे दाम न बढाकर पिछले सरकार ने बांड भरा था जिसके बाद मोदीजी की सरकार ने यह पैसा पटाया । जिसके कारण मोदी सरकार पेट्रोल पर चाहकर भी रेट कम न कर सकी । इस तरह की फ्री की घोषणाओ से जहां यह राजनीतिक बिरादरी आम लोगो को कामचोर निठल्ला बना रही है वही कुछ लोगो को पैसा होने के बाद भी बेईमान बनने के लिए प्रेरित कर रही है । जहां विकास थम रहा है वही शासन के राजस्व की हानी हो रही है सरकारे ऋण लेकर पैसा लेने को मजबूर हो रही है । जब स्थिति नियंत्रण से बाहर हो जाएगी तब अराजकता की स्थिति पैदा हो जाएगी । फिर यह नेता हाथ खडा कर देंगे ।  कोई आश्चर्य नही लोग सड़क पर ही आ जाए।  दुर्भाग्य से देश के नागरिक को भी चाहिए की ऐसे नेताओ और दलो का भी बहिष्कृत करना चाहिए।  पर यह आवाज उठती नही है । लंका को देखने के बाद तो लोग-बाग को जागरूक हो जाना चाहिए।  कहना चाहिए जो हमे मुफ्त मे देगा हम उन्हे वोट नही देंगे भले वह किसी भी विचार धारा का हो ।वही चुनाव आयोग व सर्वोच्च न्यायालय को ऐसे लोगो के चुनाव लडने पर पाबंदी लगाना चाहिए। जिससे इस पर अंकुश लग सके । आए नये भारत का निर्माण करे । भ्रष्टाचार लोभ रहित भारत बनाने के लिए अग्रेषित हो ।
बस इतना ही
डा. चंद्रकांत रामचन्द्र वाघ





Related Articles

Back to top button