सीहोर बोरवेल हादसा – 35 घंटे बाद भी नहीं निकली जा सकी है ढाई साल की मासूम सृष्टि, जानें ताजा हालात |

मध्य प्रदेश के सीहोर बोरवेल हादसा हुआ एक दिन बीत चुका है। ढाई साल की मासूम 300 फीट गहरे बोरवेल में किस हाल में है, यह हमें भी पता नहीं। लेकिन उसको सुरक्षित निकालने रेस्क्यू टीमें नॉन स्टॉप जुटी हुई हैं। दो बार कन्वेंशनल मेथर्ड का प्रयोग भी सक्सेस नहीं हुआ।
मंगलवार की देर शाम ‘सृष्टि’ को बचाने शुरू हुआ रेस्क्यू शुरू होने के 35 घंटे बाद भी बोरवेल से बच्ची का न निकल पाने के पीछे कई कारण सोचे जा सकते है। यह जानना भी जरुरी है कि आखिर कौन सी वो वजह है कि 25-30 फीट की गहराई में फंसकर करीब 150 फीट नीचे तक पहुंची सृष्टि नहीं निकल पा रही। एनडीआरएफ-एसडीआरएफ रात भर जेसीबी, पोकलेन मशीनों की मदद से खुदाई करवाती रही। उम्मीद थी सुबह का सूरज उगते ही सृष्टि को लोग देख सकेंगे।
6 जून की देर शाम सभी संसाधनों के साथ रेस्क्यू टीम पहुंची। बिना देर किए बोरवेल के पैरलल गड्ढे की खुदाई शुरू हुई। मशीनें और रेस्क्यू करने वाली और टीमें भी पहुंचती जा रही थी। जिस स्पीड से खुदाई शुरू हुई तो लोगों कि लगा कि बोरवेल की 25 से 30 फीट गहराई में फंसी सृष्टि को रात 12 एक बजे तक निकाल लिया जाएगा।
आपको बता दें कि ऑपरेशन शुरू होते ही सृष्टि को पाइप के जरिये ऑक्सीजन पहुंचाना शुरू कर दिया था। बोरवेल में कैमरे में डाल दिए थे ताकि बच्ची के मूवमेंट पर नजर रखी जा सकें। शुरू में उसके शरीर में हलचल भी देखी गई। दूसरी तरफ खुदाई जारी थी, तभी पथरीली जमीन मशीनों को चुनौती देने निकल आई। खुदाई की स्पीड धीमी होती गई। चट्टान के रूप में बड़े काले पत्थर पर पोकलेन की चोट पड़ती तो कंपन तेज होने लगा।
#WATCH | Rescue operation underway by Army & NDRF to rescue a 2.5-year-old girl who fell into a borewell while playing in the field in Mungaoli village of Sehore district yesterday#MadhyaPradesh pic.twitter.com/HEPsDsYYG2
— ANI MP/CG/Rajasthan (@ANI_MP_CG_RJ) June 7, 2023
गौरतलब है कि हुक की मदद से सृष्टि को बोरवेल से निकालने की सेना की कोशिश भी नाकाम रही। हुक से छूटकर वापस बोरवेल में गिरी सृष्टि की पोजीशन करीब 150 फीट गहराई में मिली। उसके बाद रेस्क्यू टीम अपने पुराने प्लान पर ही आगे बढ़ रही हैं। पैरलल खुदाई करके टनल बनाई जाएगी. लेकिन फिर बड़ी चुनौती भारी भरकम बड़ी-बड़ी चट्टानें, पत्थर आड़े आ रहे है। रेस्क्यू कब पूरा होगा, कुछ कहा नहीं जा सकता।




