छत्तीसगढ़

नंदकुमार साय ने दिया कांग्रेस से इस्तीफा, सीएम साय ने कसा तंज


छत्तीसगढ़ में कांग्रेस की हार के बाद नेताओं का पार्टी से इस्तीफे का दौर शुरू हो गया है। वहीं वरिष्ठ आदिवासी नेता नंदकुमार साय (Senior tribal leader Nandkumar Sai) ने भी कांग्रेस पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है।

बता दें कि आदिवासी नेता साय ने इसी साल 30 अप्रैल को भाजपा का दामन छोड़ कांग्रेस में शामिल हुए थे, वहीं विधानसभा चुनाव में टिकट मिलने की आस में थे, कयास लगाया जा रहा है कि टिकट ना मिलने से नाराज होकर उन्होंने पार्टी से इस्तीफा दे दिया है। बता दें कि नंदकुमार साय को छत्तीसगढ़ राज्य औद्योगिक विकास निगम का अध्यक्ष नियुक्त किया गया था।

भाजपा प्रदेश भाजपा महामंत्री केदार कश्यप ने कहा कि तोड़ने में भरोसा करने वाली कांग्रेस खुद टूट रही है। कांग्रेस में भले लोगों का कोई काम नहीं है। महंत रामसुंदर दास के साथ कांग्रेस ने राजनीति की। पूरे प्रदेश में सर्वाधिक अंतर से हार के बाद उन्हें कांग्रेस के भीतर का खेल समझ में आ गया तो उन्होंने इस्तीफा दे दी। कई और वरिष्ठ कांग्रेसियों ने पार्टी छोड़ दी। अब वरिष्ठ आदिवासी नेता नंदकुमार साय ने भी इस्तीफा दे दिया है। यह कांग्रेस की अंतर्कथा का प्रमाण है।

उन्होने कहा कि नंदकुमार साय को भूपेश बघेल ले तो गए लेकिन उन्हें यथोचित सम्मान नहीं दिया। आदिवासी समाज का सम्मान केवल भाजपा ही कर सकती है। कांग्रेस आदिवासी नेताओं का सिर्फ दोहन करने का काम करती है। आदिवासी शोषण कांग्रेस का इतिहास रहा है। साय चंद महीनों में भूपेश बघेल और कांग्रेस की असलियत से परिचित हो गए हैं।

केदार कश्यप ने कहा कि पांच वर्ष के शासनकाल में कांग्रेस के कार्यकर्ता हर तरह से अपमानित हो रहे थे। अब उनका आक्रोश व्यक्त हो रहा है। कांग्रेस को अब आत्ममंथन करने की जरूरत है, लेकिन वह यह करने के बजाय अपने नेताओं के आक्रोश व आवाज को दबाने के अलोकतांत्रिक रवैए का परिचय दे रही है।



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