नक्सली का टीसीओसी अभियान, बड़ी वारदात को अंजाम देने के फिराक में नक्सली, जानें क्या होता है ये अभियान – cgtop36.com

राजनांदगांव से सटे हुए महाराष्ट्र के गढ़चिरौली में शनिवार को पुलिस ने विस्फोटक बनाने वाली सामग्री के साथ नक्सलियों के चार सहयोगियों को भी गिरफ्तार किया गया था । मामले में खुलासा हुआ कि नक्सली टीसीओसी अभियान के तहत बड़े नक्सली हमला करने के लिए विस्फोटक इकठ्ठा कर रहे हैं।
वहीं पुलिस ने भंगरमपेथा गांव संदिग्ध लोगों को रोककर जांच की, तो उनके पास से भारी मात्रा में विस्फोटक बनाने वाली सामग्री मिली थी। जांच में पता चला कि नक्सली टीसीओसी अभियान के तहत किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने के लिए तैयारी में जुटे हुए हैं। आइये आपको बताते है क्या होता है नक्सलियों का यह अभियान जिसको लेकर पुलिस और सुरक्षाबल चौकन्ने रहते हैं।
कहा जाता है कि टीसीओसी अभियान के दौरान में नक्सली बड़े हमले करते हैं। ताड़मेटला, बुर्कापाल, मदनवाड़ा ,झीरमघाटी नक्सल हमला समेत कई वारदात को नक्सलियों ने इसी अभियान के दरमियान अंजाम दिया है।दरअसल नक्सली गर्मी के मौसम में यानि दिसंबर के अंत से लेकर मई के महीने तक टी.सी.ओ.सी अभियान यानि Tactical Counter Offensive Campaign चलाते हैं।
इस दौरान नक्सली अपने संगठन को मज़बूत करने के लिए भर्ती अभियान भी चलाते हैं। महत्वपूर्ण बात यह है कि इस दौरान नक्सली सरकारी अमले ,पुलिस ,सुरक्षाबलों और विकास कार्यों में लगे ठेकेदारों को अपना निशाना बनाते हैं। इस अभियान की तैयारी नक्सली गर्मी के मौसम की शुरुवात के साथ करने लगते हैं। पतझड़ का मौसम लगने के बाद माओवादी संगठनों में नई भर्तियां करके ट्रेनिंग कैम्प लगाए जाते हैं।
इस समय नक्सलियों के लिए लिए फौज पर हमला करना काफी अनुकूल होता है। पतझड़ के मौसम में जंगल सूखने लगते है.घनापन कम होने से दूर तक देखने की क्षमता बढ़ जाती है,दूसरी बात इस दौरान जंगलों मे सर्चिंग के दौरान बीहड़ों में पानी की कमी से जवान जल्दी थक जाते है। इसी मौके का फायदा उठाकर माओवादी बड़े हमले प्लान करते हैं। हमले से फ़ोर्स को नुकसान पहुंचाने के अलावा नक्सलियों के कमांडर अपने नए लड़ाकों को हमलों में शामिल करके उनको फ़ोर्स को नुकसान पहुंचाकर हथियार लूटना भी सिखाते हैं। इसी दौरान तेंदूपत्ता संग्रहण का काम भी चलता है,लिहाजा नक्सली ठेकदारों पर दबाव डालकर वसूली पैसो को वसूली भी करते हैं।
वहीं कल कांकेर जिले के धुर नक्सल प्रभावित कोयलीबेड़ा इलाके में सर्चिंग के दौरान बीएसएफ ने 9 नग पाइप बम बरामद किए हैं. नक्सलियों के द्वारा जवानों को नुकसान पहुंचाने की नीयत से ये पाइप बम प्लांट किए गए थे।
जवानों ने नक्सलियों के नापाक मंसूबों पर पानी फेर दिया. बीएसएफ की टीम नक्सल विरोधी अभियान के तहत सर्च ऑपरेशन पर निकली थी. इस दौरान जवानों को सूचना मिली कि नक्सलियों ने जुमड़ा के जंगलों में बड़ी संख्या में पाइप बम प्लांट कर रखे हैं. जिसके बाद बीएसएफ जवानों ने सावधानी पूर्वक इलाके का निरीक्षण कर 10 से 15 किलो वजनी 9 पाइप बम बरामद किया है. जिस तरह से नक्सलियों ने बड़ी संख्या में बम प्लांट कर रखा था उससे इस बात का अंदाजा लगाया जा सकता है कि नक्सली किसी बड़ी साजिश को अंजाम देने की तैयारी में थे. लेकिन अब जवानों ने उनकी मंशा पर पानी फेर दिया है.




